Deoghar Ki Mahashivratri: भोर की पहली किरण फूटने से पहले ही रविवार को बाबानगरी देवघर की हवाओं में घुली धूप-धुआं, घंटों की अनुगूंज और हर-हर महादेव के जयघोष मानो बता रहा था कि आज साधारण दिन नहीं है. महाशिवरात्रि के अवसर पर आस्था ने ऐसा आकार लिया कि जनसैलाब बनकर उमड़ पड़ा. श्रद्धा से भरे कदम, हाथों में जल और मन में अटूट विश्वास-इन्हीं भावों के साथ करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे और बाबा पर जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की. मंदिर परिसर अहले सुबह से ही जय बाबा बैद्यनाथ के जयघोष से गुंजायमान रहा. शीघ्रदर्शनम कूपन लेकर 7888 भक्तों ने विशेष पूजा-अर्चना की. श्रद्धालुओं की लंबी कतार रात से ही लगनी शुरू हो गयी थी, जो सुबह पट खुलने से पहले बीएड कॉलेज तक करीब छह किलोमीटर दूर पहुंच गयी.
अहले सुबह से शुरू हुआ जलार्पण
महाशिवरात्रि पर परंपरा के अनुसार, बाबा मंदिर में सबसे पहले मां काली की पूजा की गयी. इसके बाद बाबा मंदिर के गर्भगृह का पट खोला गया. सरदार पंडा श्रीश्री गुलाबनंद ओझा सहित अन्य पुजारी व तीर्थ पुरोहितों ने गर्भगृह में बाबा पर कांचा जल अर्पित किये. करीब 20 मिनट तक चली प्रारंभिक पूजा के बाद सरदारी पूजा शुरू हुई. दुग्धाभिषेक के उपरांत षोड्शोपचार विधि से करीब 40 मिनट तक विशेष पूजा की गयी. इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिया गया. भक्तों ने क्यू कॉम्प्लेक्स के रास्ते संस्कार मंडप होते हुए गर्भगृह में पहुंचकर जलार्पण किया.
कूपन की कतार से पेड़ा गली में लगा जाम
अत्यधिक भीड़ और एक बार में तीन हजार से अधिक शीघ्रदर्शनम कूपन जारी होने के कारण पेड़ा गली और पाठक धर्मशाला गली में कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गयी. हालांकि बीते वर्ष की परेशानियों से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार सुविधा केंद्र से नाथबाड़ी तक व्यापक बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी. कूपनधारी भक्तों को कतारबद्ध करने के लिए विशेष इंतजाम किये गये. काउंटर बंद होने तक 7888 कूपन जारी किये गये. भक्तों को नाथबाड़ी से पाठक धर्मशाला स्थित होल्डिंग प्वाइंट होते हुए प्रशासनिक भवन तक भेजा गया.
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सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहा प्रशासन
किसी भी तरह की अव्यवस्था से निबटने के लिए भारी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और दंडाधिकारी तैनात रहे. वीआइपी गेट पर अफरातफरी नहीं हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाये गये थे. बाबा मंदिर का पट खुलने से पहले ही रात करीब ढाई बजे डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी सौरभ, एसडीएम सह मंदिर प्रभारी रवि कुमार सहित अन्य अधिकारी मंदिर पहुंच गये थे. सुबह चार बजे से जलार्पण शुरू होते ही प्रशासनिक टीम कतार के अंतिम छोर तक जाकर व्यवस्था का जायजा लेती रही. कंट्रोल रूम से भीड़ प्रबंधन पर लगातार नजर रखी गयी. अधिकारियों की सक्रियता से पूरे दिन श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन की व्यवस्था मिलती रही.
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