मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र की जाभागुड़ी पंचायत स्थित लालपुर गांव में संवाद के सहयोग से लालपुर किसान क्लब की ओर से आयोजित दो दिवसीय किसान मेला के दूसरे दिन रविवार को जलवायु संकट के समाधान में जैविक खेती का योगदान विषयक विमर्श का आयोजन किया गया. इस अवसर पर शराब का नशा छोड़ने पर लालपुर किसान क्लब की महिलाओं के निर्णय पर नुनुलाल मंडल को समाजकर्मी घनश्याम ने सम्मानित किया. सामूहिक खेती के लिए बाघशीला के किसान मांझी हड़ाम, मदन हेंब्रम व शिबू मुर्मू को भी सम्मानित किया गया. फसल, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, खेलकूद प्रतियोगिता के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. इसके पूर्व बोकारो से आये झांझर सांस्कृतिक टीम के गायक हबीब, शेखर शरदेंदु की टीम ने एक से बढ़कर एक खोरठा झूमर व गीत सुनकर ग्रामीणों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस अवसर पर किसान आनंद मरांडी ने कहा कि आधुनिक खेती जलवायु व जैव विविधता को प्रभावित कर रही है. जैविक खेती में आसपास की चीजों का इस्तेमाल कर फसल उगाया जा सकता है. जीरो बजट में प्राकृतिक खेती हमारे लिए बड़ा विकल्प है. रासायनिक खेती का जलवायु संकट लाने में बड़ा योगदान है. जंगल काटने, पहाड़ तोड़ने से जलवायु संकट बढ़ रहा है. वरिष्ठ समाजकर्मी घनश्याम ने कहा कि जलवायु संकट के कारण दुनिया में कई प्रलय हो चुका है. कॉरपोरेट व पूंजीपतियों ने जलवायु संकट थोपा है. रसायन के प्रयोग से जलवायु संकट आ रहा है. दुनिया में 76 प्रतिशत जल में महज ढाई प्रतिशत पानी ही प्राणियों के लिए उपयोगी है. दुनिया में जितनी सभ्यता का विकास हुआ है वह जंगल, पहाड़ व नदी के आसपास हुआ है. कार्बन का उत्सर्जन वायु प्रदूषण का बड़ा कारण है. ग्लोबल वार्मिंग से बचने के लिए ऊर्जा का स्रोत बदलना जरूरी है. आदिवासी जीवन शैली और मौलिक लोगों की जीवन शैली से ही जलवायु संकट का समाधान संभव है. हम उतना ही प्रकृति से ले जितना जीने के लिए जरूरी है, प्रकृति को देना सीखें. कार्यक्रम का संचालन अबरार ताबिन्दा व धन्यवाद ज्ञापन अनूप सर्राफ ने किया. मौके पर किसान दीप नारायण मंडल, कुंदन कुमार भगत, अताउल, सागोरी हेम्ब्रम, दशरथ मंडल, तुलसी यादव, प्रदीप कुमार, अंकित वर्मा, इंद्रदेव, मनोज मंडल, फागो रवानी,अमित यादव, राजेश्वरी राणा, शिबू मुर्मू, लाइसेंन मरांडी, सीमांत, बंकू आदि समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे.
आदिवासी जीवन शैली से जलवायु संकट का समाधान संभव : घनश्याम
मधुपुर के लालपुर गांव में दो दिवसीय किसान मेला आयोजित
