राष्ट्रीय लोक अदालत में 22 लाख का समझौता, फैमिली कोर्ट के 37 मामलों का हुआ निष्पादन

राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर एक्सीडेंट के दो मामलों में 22 लाख रुपये का समझौता हुआ. वहीं, फैमिली कोर्ट में 37 पारिवारिक मामलों का सुलह के आधार पर निष्पादन किया गया.

देवघर : राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर एक्सीडेंट क्लेम केस की सुनवाई के लिए बनाये गये बेंच में तीन मामलों की सुनवाई की गयी. इसमें से दो मामलों के पक्षकारों के बीच सुलह हुआ. मोटर एक्सीडेंट के एक मामले में पक्षकारों के बीच चार लाख रुपये का समझौता तय हुआ, जबकि दूसरे केस के पक्षकारों के बीच 18 लाख रुपये का समझौता तय हुआ. समझौता की राशि का चेक एक माह के अंदर पक्षकारों को सुपुर्द किया जायेगा. इस बेंच में मुख्य रूप से एडीजे नवम मुकुलेश चंद्र नारायण मौजूद थे. उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मुकदमों का निष्पादन कराने से दोनों पक्षों के बीच खुशी आती है और दोनों पक्षों की इसमें जीत होती है. इस मौके पर अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक, राहुल कुमार सिंह, नरेंद्र कुमार, निलांजन गांगुली, कोर्ट के कर्मियों में संजय कुमार दास, प्रदीप कुमार झा आदि मौजूद थे.

फैमिली कोर्ट के 37 मामलों का हुआ निष्पादन

पारिवारिक मामलों की सुनवाई के लिए फैमिली कोर्ट में बनाये गये बेंच में कुल 37 मामलों का निष्पादन सुलह के आधार पर शनिवार को हुआ. इसमें प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय के 34 तथा एडिशनल फैमिली कोर्ट के तीन मामले शामिल हैं. इस बेंच में न्यायिक पदाधिकारी के तौर पर फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज संजय कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कुल 37 दंपतियों ने सुलह कर मुकदमों का निष्पादन कराया. इस बेंच में मीडियेटर एफ मरीक, अमरनाथ राय, सिविल कोर्ट के पेशकार ब्रजेश मिश्रा आदि मौजूद थे.

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By फाल्गुनी मारिक

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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