देवघर : विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर डिपसर में राष्ट्रीय संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने संस्कृत साहित्य, श्लोक वाचन और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया.
कार्यक्रम में डॉ इंद्राणी सरकार ने भारतीय बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत में संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डाला. श्लोक वाचन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. वहीं प्रश्नोत्तरी में रामायण और महाभारत से जुड़े सवाल पूछे गये, जिनका विद्यार्थियों ने जवाब दिया.
चित्रकला व सांस्कृतिक कार्यक्रम से समापन
राष्ट्रीय संस्कृत सप्ताह के समापन दिवस पर चित्रकला, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये. विद्यार्थियों ने संस्कृत श्लोकों पर आधारित चित्र बनाये और उनकी प्रदर्शनी लगायी. इसके बाद श्लोकों पर आधारित नृत्य एवं संगीत की प्रस्तुति दी गयी.
संस्कृत भारतीय विरासत की आधारशिला : प्राचार्य
प्राचार्य प्रो डॉ रजनीश कुमार पांडेय ने कहा कि संस्कृत केवल प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, दर्शन, साहित्य और संस्कृति की समृद्ध विरासत की आधारशिला है. ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में संस्कृत और भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ती है. उप-प्राचार्या प्रो. (डॉ.) बबीता कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
