देवघर से संजीत मंडल की रिपोर्ट
देवघर: भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड में शनिवार को बड़ा बदलाव किया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड के प्रदेश पदाधिकारियों की नयी सूची जारी की है. इस नयी सूची ने क्षेत्रीय संतुलन को लेकर नयी बहस छेड़ दी है. इस नयी सूची में संताल परगना की हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं जहां पूरे प्रमंडल से महज दो चेहरों को ही जगह मिल सकी है.
किसे मिली है जगह?
भाजपा के द्वारा जारी सूची के अनुसार दुमका से सुनील सोरेन को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं साहिबगंज से कृष्णा महतो को प्रदेश मंत्री बनाया गया है. इसके अलावा संताल परगना के अन्य जिले देवघर, गोड्डा, पाकुड़ और जामताड़ा को इस बार पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है.
सूची पर उठ रहे हैं सवाल
संताल परगना झारखंड की राजनीति का अहम केंद्र रहा है, लेकिन संगठन में इसकी घटती भागीदारी कई सवाल खड़े कर रही है. स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा तेज है कि आखिर इतने बड़े भू-भाग को केवल दो नामों तक क्यों सीमित कर दिया गया.
रांची और गढ़वा जिले का दबदबा
भाजपा के द्वारा जारी नयी सूची में रांची और गढ़वा जिले का दबदबा देखने को मिल रहा है. इन इलाकों से बड़ी संख्या में नेताओं को जगह देकर संगठन में उनका कद और मजबूत किया गया है. रांची से डॉ. प्रदीप वर्मा (उपाध्यक्ष), सुनीता सिन्हा (प्रदेश मंत्री), अमित सिंह (प्रदेश मंत्री), दीपक बंका (प्रदेश कोषाध्यक्ष), हेमंत दास (प्रदेश कार्यालय मंत्री), सूरज गुप्ता (चौरसिया) (प्रदेश सह कार्यालय मंत्री) बनाया गया है. वहीं गढ़वा जिले से बालमुकुंद सहाय (प्रदेश उपाध्यक्ष) और भानु प्रताप शाही (प्रदेश उपाध्यक्ष) बनाया गया है. कुल मिलाकर, भाजपा की इस नयी सूची ने यह संकेत दे दी है कि संगठन के भीतर क्षेत्रीय संतुलन अभी भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है और संताल परगना खुद को फिर एक बार उपेक्षित महसूस कर रहा है.
Also Read: गुमला में ‘बच्चा चोर’ की अफवाह पर भारी बवाल, ग्रामीणों ने युवक को बनाया बंधक, पुलिस ने बचाई जान
