देवघर : देवघर एम्स के पीडियाट्रिक्स विभाग में जन्मजात और गंभीर स्थिति वाले बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया है. न्यूनेटल वेंटिलेटर की शुरुआत के साथ गंभीर नवजातों के उपचार और मॉनिटरिंग की व्यवस्था और मजबूत हुई है. अब जन्म के समय सांस लेने में परेशानी या अन्य गंभीर जटिलताओं से जूझ रहे बच्चों को एम्स में ही बेहतर उपचार और लगातार निगरानी की सुविधा मिल सकेगी.
नवजातों के लिए खास वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और सांस की लगातार होगी निगरानी
न्यूनेटल वेंटिलेटर खास तौर पर नवजात और बेहद छोटे बच्चों के लिए तैयार किया गया है. इसमें नवजात के छोटे और संवेदनशील फेफड़ों की जरूरत के अनुसार सांस की मात्रा, दबाव और ऑक्सीजन नियंत्रित की जा सकती है. समय से पहले जन्मे बच्चों, सांस लेने में गंभीर परेशानी और फेफड़ों की गंभीर समस्या वाले नवजातों को इससे उपचार में मदद मिलेगी. विभाग में सीपीएपी मशीन और मल्टी पैरामीटर मॉनिटर की सुविधा भी है. इससे हार्ट रेट, ऑक्सीजन स्तर, ब्लड प्रेशर और सांस लेने की दर की लगातार निगरानी की जा सकती है.
गंभीर नवजातों के इलाज की क्षमता बढ़ी, संताल परगना के बच्चों को मिलेगा लाभ
एम्स निदेशक डॉ नितिन गंगने ने बताया कि जन्म के समय हार्ट डिजीज, सांस की परेशानी, कम वजन, संक्रमण और अन्य जटिलताओं वाले बच्चों को विशेषज्ञ निगरानी व कई मामलों में क्रिटिकल केयर की जरूरत होती है. न्यूनेटल वेंटिलेटर समेत आधुनिक उपकरण उपलब्ध होने से ऐसे गंभीर मामलों में उपचार क्षमता बढ़ेगी. पीडियाट्रिक्स विभाग में सुविधाओं के विस्तार का लाभ संताल परगना सहित आसपास के जिलों के बच्चों को मिलेगा. विभाग में लाइफ सपोर्ट और मॉनिटरिंग सुविधा होने से नवजात एवं गंभीर बच्चों की देखभाल की व्यवस्था पहले की तुलना में और मजबूत हुई है.
