सारठ : अतििरक्त काम के बोझ से दबे पदाधिकारी-कर्मी

सारठ : किसी भी योजना के अनुपालन में जितनी महत्वपूर्णभूमिका चुने गये जनप्रतिनिधियों की होती है, उतनी ही सरकारी महकमों में काम करने वाले पदाधिकारी-कर्मियों की. क्योंकि कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए इनकी जरूरत पड़ती है. लेकिन, सारठ प्रखंड में भी कई पदाधिकारियों व कर्मियाें की कमी के कारण विभागीय कामकाज पर असर पड़ […]

सारठ : किसी भी योजना के अनुपालन में जितनी महत्वपूर्णभूमिका चुने गये जनप्रतिनिधियों की होती है, उतनी ही सरकारी महकमों में काम करने वाले पदाधिकारी-कर्मियों की. क्योंकि कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए इनकी जरूरत पड़ती है. लेकिन, सारठ प्रखंड में भी कई पदाधिकारियों व कर्मियाें की कमी के कारण विभागीय कामकाज पर असर पड़ रहा है. पद खाली रहने के कारण प्रभार के भरोसे काम चलाया जा रहा है. जिस कारण पदाधिकारियों-कर्मियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है.

ये पद हैं खाली
प्रखंड सारठ कार्यालय में पंचायत सचिव के 27 पद के विरुद्ध मात्र 12 पंचायत सचिव ही पदस्थापित हैं. 15 पंचायत सचिव पर दो-दो पंचायत का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. कई पंचायत के जनसेवक को भी प्रभार पंचायत सचिव का दिया गया है. बीएओ, बीपीआरओ, जेएसएस, एमओ, एनइओ, एइ, जेइ, प्रधान सहायक, दो लिपिक, तीन अनुसेवक के पद रिक्त हैं.
जिसमें विभागीय कार्य निष्पादन में काफी परेशानी हो रही है. बताया गया कि बीएओ का प्रभार बीटीएम को, एमओ का प्रभार मधुपर के बीसीओ को, बीपीआरओ का प्रभार पंचायत सचिव को, जेएसएस का प्रभार बीसीओ को अतिरिक्त दिया गया है. जिससे किसी तरह काम काज का संचालन हो रहा है. पर्यवेक्षीय पद खाली रहने से जांच व पर्यवेक्षण में परेशानी हो रही है.

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