अनुमंडलीय अस्पताल में उपकरण बनी शोभा की वस्तु, पांच वर्ष बाद भी ब्लड बैंक नहीं हुआ चालू

मधुपुर : अनुमंडलीय अस्पताल सह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लड बैंक अब तक चालू नहीं हो पाया है. जबकि पांच वर्ष पूर्व 2012-13 में ही ब्लड बैंक का कक्ष बनकर तैयार हो गया था. इसके सभी मशीन व उपकरण भी उसी समय आ गये हैं. अस्पताल में शोभा की वस्तु बनी हुई है. पूर्व में […]

मधुपुर : अनुमंडलीय अस्पताल सह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लड बैंक अब तक चालू नहीं हो पाया है. जबकि पांच वर्ष पूर्व 2012-13 में ही ब्लड बैंक का कक्ष बनकर तैयार हो गया था. इसके सभी मशीन व उपकरण भी उसी समय आ गये हैं. अस्पताल में शोभा की वस्तु बनी हुई है. पूर्व में अनुमंडल अस्पताल में पुराने भवन में ही एक वातानुकूलित कक्ष तैयार कर ब्लड बैंक तैयार किया गया था.
इसके लिए तत्कालीन चिकित्सक डाॅ. रमेश कुमार को ब्लड बैंक का प्रभारी बनाकर लाइसेंस भी दे दिया गया था. लेकिन अभी लाइसेंस भी खत्म हो चुका है और डाॅ. रमेश कुमार का भी तबादला दो वर्ष पूर्व हो चुका है. इधर, कुछ महीने पूर्व पुन: पुराने भवन से हटा कर अनुमंडल अस्पताल के नये भवन में ब्लड बैंक स्थापित किया गया है. लेकिन अभी तक ब्लड बैंक चालू करने के लिए न तो लाइसेंस मिल रहा है और न ही चिकित्सक प्रतिनियुक्त किये गये है.
समय पर नहीं मिल पाता है खून
किसी भी तरह की दुर्घटना या महिलाओं को प्रसव के दौरान खून की जरूरत पड़ती है तो मरीज के परिजनों को काफी परेशानी होती है. कई बार अत्यधिक खून बहने के कारण दुर्घटना के शिकार लोगों को हो सकती है. अगर मधुपुर में ब्लड बैंक नियमित रूप से काम करता तो कई मरीजों की जान बच सकती थी.

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