चतरा. जिले में हर घर नल जल योजना के तहत लगी अधिकांश जलमीनार खराब पड़ी हुई है, इस वजह से घर-घर पानी नहीं पहुंच रहा है. करोड़ों रुपये खर्च कर जिले में जलमीनार लगायी गयी हैं. गर्मी के दस्तक देते ही लोगों को पेयजल की चिंता सताने लगी है. कई जलमीनार अब तक शुरू भी नहीं हुई हैं. कहीं सोलर प्लेट चोरी होने से, तो कहीं स्टार्टर जल जाने के जलमीनार बेकार पड़ी है. कई बार इसकी सूचना पीएचइडी विभाग को दी गयी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. सबसे अधिक परेशानी कुंदा, लावालौंग, प्रतापपुर, पत्थलगड्डा सहित कई प्रखंडों के सुदूरवर्ती क्षेत्र में खराब पड़ी जलमीनार के कारण हो रही है. लोग दूर दराज से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं. पत्थलगड्डा प्रखंड के नावाडीह में सड़क बनने के दौरान पाइप उखड़ जाने के कारण घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है. पुरू पोखर के पास लगा जलमीनार खराब पड़ी है. ग्रामीण बालेश्वर कुरमी ने जलमीनार खराब होने की जानकारी विभाग को कई बार दी गयी, लेकिन किसी ने मदद नहीं की.
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