सिमरिया. प्रखंड के गांव-टोले इन दिनों गुलजार हैं. यहां प्रकृति पर्व करमा पूजा को लेकर उत्साह व उमंग का माहौल है. पर्व की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है. वहीं गांव के टोलों के अखाड़े में महफिल सज रही है और करमा के गीत गूंज रहे हैं. शाम होते युवतियों और महिलाओं की भीड़ अखाड़े में जमने लगी है.
देर रात तक एक से बढ़कर एक करम के गीत और झूमर चलते रहते हैं. झूमर देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ लगी रहती है. अखाड़े में डाला में जावा रखकर युवतियां अपनी सहेलियों के साथ हाथ जोड़ कर झकझोर झूमर खेलती हैं. यह पर्व भादो माह की एकादशी तिथि को मनाया जाता है.
यह पर्व बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र के लिए करती हैं. सोमवार को नहाय-खाय के साथ ही दो दिवसीय करमा पर्व शुरू शुरू हो गया. मंगलवार को यह पर्व मनाया जायेगा. रात में अखाड़े में करम की डाली स्थापित कर भव्य तरीके से पूजा-अर्चना की जायेगी और झूमर खेला जायेगा. बुधवार को करम की डाली को भाई कंधे पर उठाकर नाचते, गाते और झूमते हुए स्थानीय नदी पहुंचेंगे. इसके बाद करम की डाली को जलाशय में विसर्जित कर दिया जायेगा.
