सरना पूजा का उद्देश्य जल, जंगल, जमीन व प्रकृति का संरक्षण : भोगता

जशपुर गांव स्थित सरना टोंगरी में गुरुवार को सरना पूजा महोत्सव मनाया गया.

कान्हाचट्टी. प्रखंड की तुलबुल पंचायत के जशपुर गांव स्थित सरना टोंगरी में गुरुवार को सरना पूजा महोत्सव मनाया गया. जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता शामिल हुए और पूजा स्थल पर पूजा अर्चना कर देश, प्रदेश में सुख, शांति व समृद्धि की कामना की. महोत्सव का आयोजन सरना समिति जशपुर द्वारा किया गया. सरना ग्राम प्रधान रामसेवक सिंह खरवार द्वारा विधि विधान से पूजा-अर्चना की गयी और अपने सांस्कृतिक गौरव को याद किया. इस मौके पर श्री भोगता ने कहा कि जल, जंगल, जमीन व प्रकृति का संरक्षण सरना पूजा का मुख्य उद्देश्य है. हम सब को प्रकृति का संरक्षण व संवर्द्धन करना चाहिए. जल जंगल है, तो जीवन संभव है. ऐसे कार्यक्रमों से हम सभी को सीख लेनी चाहिए. त्योहार व अन्य विशेष अवसरों पर पौधरोपण करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरना पूजा आदिवासी समुदाय की धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, जिसमें प्रकृति व पूर्वजों की पूजा करते हैं. मौके पर राजद जिलाध्यक्ष नवलकिशोर यादव, प्रखंड अध्यक्ष मो शेरशाह, सोनू खान, सिकंदर खरवार, उमेश खरवार, प्यारेलाल भोगता, विजय सिंह खरवार, बबीता देवी, सरिता देवी, योगेश यादव, राजू सिंह खरवार, अर्जुन यादव, कृष्णा यादव, रामावतार खरवार समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.

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By Dinbandhu thakur

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