चतरा: झारखंड के चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में चार अगस्त को हुई घटना से उत्पन्न तनाव के कारण प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. सिमरिया एसडीओ प्रदीप कुमार महतो ने सात अगस्त की शाम को इस संबंध में आदेश जारी किया है.
पांच या अधिक लोगों के जुटने पर रोक
बड़गांव के आवासीय क्षेत्र व सड़कों पर शांति व्यवस्था बनाये रखने व विधि-व्यवस्था के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू की गयी है. इसके तहत पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा. किसी भी प्रकार की सभा, रैली व सार्वजनिक बैठक, लाउडस्पीकर के उपयोग पर भी रोक लगायी गयी है.
भ्रामक सूचना फैलाने पर कार्रवाई
प्रशासन ने सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से भ्रामक व गलत सूचना फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है. साथ ही लाइसेंसी हथियार लेकर चलने, हथियारों का प्रदर्शन करने व विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाले किसी भी प्रयास पर रोक लगायी गयी है.
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मरीज और छात्र प्रतिबंध से मुक्त
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल जा रहे मरीजों, विद्यालय-महाविद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं व ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मियों व पुलिस पदाधिकारियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा. एसडीओ ने कहा है कि निषेधाज्ञा सात अगस्त की अपराह्न से तत्काल प्रभावी होकर अगले आदेश तक लागू रहेगी. शनिवार को प्रचार वाहन से ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से लोगो को निषेधाज्ञा की जानकारी दी गयी. साथ ही भीड़ भाड़ नहीं लगाने व बिना काम के घर से बाहर नहीं निकलने को कहा गया.
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में हुई थी हत्या
बताया जा रहा है कि चार अगस्त को चार अगस्त को नाबालिक से दुष्कर्म के आरोप भीड़ द्वारा मो इमरोज को पीट पीट कर मार डाला था, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल उत्पन्न हैं. इसी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निषेधाज्ञा लागू की है.
