पिंटू कुमार राणा की रिपोर्ट
मयूरहंड (चतरा): करमा पंचायत के डुमरियाटांड़ गांव में बारिश के बाद 30 से अधिक घरों के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. नाला में पानी भर जाने के कारण गांव टापू में तब्दील हो गया है. ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए गांव से बाहर निकलने में काफी परेशानी हो रही है.
सबसे अधिक परेशानी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हो रही है. विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर पानी से होकर आवागमन कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पानी का बहाव तेज होने के कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
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निर्माणाधीन पुलिया का आधे से अधिक हिस्सा बहा
ग्रामीणों को उम्मीद थी कि नाला पर बन रही पुलिया के निर्माण के बाद आवागमन की समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन चार अगस्त की देर रात हुई तेज बारिश ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी. बारिश के कारण निर्माणाधीन पुलिया का आधे से अधिक हिस्सा बह गया. बताया गया कि पंचायत के 15वें वित्त की राशि से करीब साढ़े चार लाख रुपए की लागत से पुलिया का निर्माण कराया जा रहा था. कुछ दिन पहले ही पुलिया का निर्माण हुआ था. फिलहाल पहुंच पथ में मिट्टी भरने के साथ डिवाइडर बनाने का काम चल रहा था.
विभाग के जेई दीपक कुमार पासवान ने बताया कि उपलब्ध राशि के अनुसार पुलिया का प्राक्कलन तैयार किया गया था. तेज बारिश के कारण पुलिया का एक हिस्सा ध्वस्त हुआ है. उन्होंने कहा कि उक्त स्थान पर करीब 20 फीट ऊंची पुलिया बनने के बाद ही समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा.
गुणवत्ता की होगी जांच : बीडीओ
बीडीओ मनीष कुमार ने दो दिन पूर्व ध्वस्त पुलिया का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच करायी जाएगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही नये और बड़े पुलिया के निर्माण के लिए जिला प्रशासन को सूचना दी गई है.
ग्रामीण राहुल कुमार रवि ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ विधायक कुमार उज्ज्वल दास और सांसद कालीचरण सिंह से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया का स्थायी और मजबूत निर्माण होने तक गांव के लोगों को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ेगी.
