जोरी से अभिमन्यु सिंह की रिपोर्ट
जोरी(चतरा). चतरा के वशिष्ठ नगर थाना से मात्र 1 किलोमीटर दूर, एनएच 22 के पखा मोड़ से दन्तार तक जाने वाली मुख्य सड़क जर्जर हो गई है. लगभग 10 किलोमीटर लंबी इस सड़क में अनगिनत गड्ढे बन गए हैं. कहीं-कहीं दो फीट पानी और कीचड़ से वाहन चलाना मुश्किल है. पैदल चलने वाले भी गिर जाते हैं.
सड़क की वर्तमान स्थिति को देखकर कहा जा सकता है कि सड़क में गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढे में ही सड़क है. यह स्थिति आम लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल बना रही है.
कई गांवों के हजारों ग्रामीणों का प्रमुख मार्ग
इस सड़क से पखा, कंचनपुर, पचमहला, डेमडेम, धोवे, कसियाडीह, बुढ़ीगाड़ा, मझगांवा, दण्डई, नावाडीह, दन्तार सहित कई अन्य गांवों के हजारों ग्रामीणों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है.
साथ ही यह सड़क विश्व प्रसिद्ध माता भद्रकाली तक जाने का शॉर्टकट सड़क है. इसी सड़क से क्षेत्र में कोख की देवी के नाम से विख्यात मां कुलेश्वरी पर्वत पर संतान प्राप्ति की उम्मीद में हजारों श्रद्धालु प्रतिवर्ष पहुंचते हैं, लेकिन टूटी सड़क उनकी आस्था और यात्रा को कठिन बना देती है. यहां संतानोत्पत्ति के पश्चात अपने बच्चों का मुंडन संस्कार करते हैं.
विधायक और सांसद से कई बार लगा चुके हैं गुहार
सड़क बनाने की मांग को लेकर क्षेत्र के ग्रामीण कई बार स्थानीय विधायक और सांसद से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है.
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार जनप्रतिनिधियों और सरकारों के बदलने के बावजूद, इस महत्वपूर्ण सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है, जो गहरी निराशा का कारण है.
सड़क नहीं बनी तो आंदोलन की चेतावनी
सड़क बनाने को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश जनप्रतिनिधियों के प्रति बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही सड़क निर्माण की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े पैमाने पर सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे.
ग्रामीणों ने उपायुक्त से सड़क बनाने को लेकर आवश्यक पहल करने की मांग की है.
इस सड़क से प्रभावित होने वाले मुख्य गांवों में पखा, कंचनपुर, पचमहला, डेमडेम, धोवे, कसियाडीह, बुढ़ीगाड़ा, मझगांवा, दण्डई, नावाडीह और दन्तार शामिल हैं.
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