चतरा. भाजपा द्वारा आहूत झारखंड बंद का सोमवार को चतरा में मिला-जुला असर देखने को मिला. भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह भोगता के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता शहर के केसरी चौक पर जुटे और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
वाटर कैनन का प्रयोग कर दमनात्मक कार्रवाई
जेपीएससी व जेएसएससी की परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर आंदोलनरत छात्रों पर कथित दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के आह्वान पर बंद का आयोजन किया गया था. जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह भोगता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने विधानसभा घेराव के दौरान आंदोलनरत छात्रों पर लाठी-डंडे, आंसू गैस और वाटर कैनन का प्रयोग कर दमनात्मक कार्रवाई की.
दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की
बंद को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर में घूम-घूमकर दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की. हालांकि, शहर में बंद का व्यापक असर नहीं दिखा. कुछ स्थानों पर दुकानें बंद रहीं, जबकि मुख्य बाजार में सामान्य दिनों की तरह गतिविधियां जारी रहीं. सड़कों पर भी वाहनों का परिचालन जारी रहा. केसरी चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान सड़क के तीनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी.
आपातकालीन सेवाओं को बंद से मुक्त रखा
इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा. हालांकि, एंबुलेंस, मरीजों की आवाजाही, विद्यालय जाने वाले बच्चों, परीक्षार्थियों तथा अन्य आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया. सावन के मद्देनजर देवघर आने-जाने वाले कांवरियों को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने की बात भाजपा नेताओं ने कही. मौके पर प्रदेश कर समिति सदस्य विलास सिंह, नवीन शाह नवाज, महामंत्री मृत्युंजय सिंह, विद्यासागर आर्य, बसंत यादव शिवकुमार चौबे जितेंद्र यादव, प्रवीण कुमार सुजीत जायसवाल समेत काफी संख्या में भाजपा नेता व कार्यकर्ता शामिल थे. जिला मुख्यालय के अलावा प्रखंडों में भी झारखंड बंद का मिला-जुला असर देखा गया.
