जोरी. जोरी कला स्थित काली मंदिर के समीप प्रहलाद मछली बीज परिसर में रविवार को वैज्ञानिक-किसान अंतर्मन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसका नेतृत्व प्रगतिशील मत्स्य किसान प्रहलाद चौधरी ने किया. इसमें 25 महिला किसान, 20 पुरुष किसान व मत्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय गुमला के 26 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. इस दौरान किसानों व ग्रामीण महिलाओं को मछली से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
फिश मोमोज से अचार तक बनाने की बतायी विधि
फिश मोमोज, फिश कटलेट, फिश समोसा, फिश चिप्स व फिश अचार समेत कई उत्पाद तैयार करने की विधि बतायी गयी. बताया गया कि मछली के प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन से किसानों व ग्रामीण महिलाओं को अतिरिक्त आय व स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं.
छोटे उद्यम के रूप में विकसित हो सकता है मत्स्य पालन
स्थानीय बाजार में इन उत्पादों की बिक्री कर मत्स्य पालन को छोटे उद्यम के रूप में विकसित किया जा सकता है. कार्यक्रम में विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों व किसानों के बीच ज्ञान व अनुभव का आदान-प्रदान हुआ.
25 महिला और 20 पुरुष किसानों ने लिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में 25 महिला किसान, 20 पुरुष किसान व मत्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय गुमला के 26 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रविंद्र मोहन मिश्र समेत अन्य उपस्थित थे.
