वनवासियों के अधिकारों की उठायी आवाज चतरा. धरती आबा बिरसा मुंडा के 126वें शहादत दिवस पर मंगलवार को भाकपा माले के बैनर तले जल, जंगल और जमीन पर अधिकार की मांग को लेकर विशाल मार्च एवं धरना-प्रदर्शन किया गया. मार्च चतरा कॉलेज मैदान से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ वन विभाग कार्यालय पहुंचा, जहां धरना दिया गया. वनवासियों व ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर उत्तरी एवं दक्षिणी डीएफओ को ज्ञापन सौंपा गया. कार्यक्रम का नेतृत्व जिला सचिव मनोज प्रजापति ने किया. मुख्य अतिथि के रूप में पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य एवं बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह शामिल हुए. उन्होंने कहा कि चतरा आदिवासी एवं वन क्षेत्र बहुल जिला है, लेकिन यहां आज भी वन अधिकार पट्टा, रोजगार, शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के बाद भी वनवासियों को उनके अधिकार नहीं मिल रहे हैं तथा वन विभाग द्वारा उत्पीड़न और बेदखली जैसी कार्रवाइयों से लोग परेशान हैं. मनोज प्रजापति ने कहा कि बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान किया था. उनके शहादत दिवस पर जनता के अधिकारों की रक्षा और संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया गया. उन्होंने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा. मौके पर जिप सदस्य खुशबू कुमारी, भुनेश्वर बेदिया, त्रिलोकी नाथ, शंकर कुमार, आशीष कुमार प्रजापति, संतोष प्रजापति, मंजू देवी, संजय भारती, जितेंद्र यादव, महेशी भारती और कपिल बिरहोर समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे.
बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर भाकपा माले का मार्च
वनवासियों के अधिकारों की उठायी आवाज
