सरकारी सेवा से रिटायर्ड होने के बाद समाज को कर रहे हैं जागरूक

कुछ सीनियर सिटीजन से बातचीत की गयी.

दीनबंधु चतरा. सरकारी सेवा से रिटायर्ड होने के बाद जिंदगी की दूसरी पारी जीना आसान नहीं होता है, क्योकि जब किसी की नौकरी लगती है, तो नौकरी उनके जीवन का एक हिस्सा बन जाता है. उनका पूरा ध्यान अपनी नाैकरी व बच्चों के लालन-पालन पर होता है. लेकिन सरकारी सेवा से रिटायर्ड होने के बाद सीनियर सिटीजन काफी अलग अंदाज में जिंदगी जीते हैं. नौकरी से रिटायर्ड कई लोग किस तरह अपनी जिंदगी जी रहे हैं, उसके बारे में कुछ सीनियर सिटीजन से बातचीत की गयी. सभी का मूल रूप से यही कहना था कि नौकरी से रिटायर्ड हुए हैं जिंदगी से नही. कुछ लोग समाज सेवा से जुड़ गये हैं, तो कई लोग शिक्षा से जुड़ कर बच्चों को पढ़ाने में लग गये हैं, कुछ लोग बागवानी में अपना समय व्यतीत कर रहे हैं.

लोगों की सेवा में लगा हुआ हूं : दुल्ली राम दांगी

पत्थलगड्डा प्रखंड नावाडीह के दुल्ली राम दांगी सरकारी शिक्षक थे. वर्ष 2010 में सिमरिया के मध्य विद्यालय ईचाकखुर्द से रिटायर्ड हुए हैं. इसके बाद वे सामाजिक व धार्मिक कार्यों से जुड़ कर समाजसेवा में लगे हुए है. उन्होंने बताया कि दुर्गा पूजा, छठ पूजा व गांव में होने वाले अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़ चढ़ कर भाग लेते है. साथ ही गांव के लोगों की समस्या का समाधान करते हैं. लोगों के बीच विवाद को गांव में बैठ कर ही सलटाते हैं. इस कार्य को करने में उन्हें अच्छा लगता है.

शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं: सुधांशुनाथ शर्मा

सिमरिया प्रखंड के ईचाकखुर्द निवासी सुधांशुनाथ शर्मा रामनारायण इंटर कॉलेज हंटरगंज से प्रिंसिपल पद से जनवरी 2025 में रिटायर्ड हुए. 1990 से लेकर 2025 तक उक्त कॉलेज में 35 वर्षो तक शिक्षा सेवा दिया. सेवानिवृत्त होने के बाद समाजसेवा कर रहे हैं. शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे है. उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज का मूल अंग है. इसे लेकर गांवों में अभिभावक व बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हैं. खास कर लड़कियों को शिक्षा देने की बात अभिभावको से करते हैं. खाली समय में छात्रों को मार्गदर्शन करते हैं.

पेंशनर समाज को लाभ दिलाने का काम करता हूं : खैटा राम

सिमरिया प्रखंड के बानासाड़ी निवासी खैटा राम 2013 में शिक्षक पद से रिटायर्ड हुए. 38 साल तक सेवा दिया. उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होने के बाद सिमरिया सहित अन्य जगहों के पेंशनरों की समस्याओं का निबटारा करते हैं. सेवानिवृत्त शिक्षकों के अलावा अन्य लोगों की समस्याओं का निराकरण करते है. साथ ही सामाजिक कार्याें में बढ़-चढ़ कर भाग लेते है. अपने समाज के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं. गांव में बैठक कर विवादों को दोनों पक्षों को समझा बुझा कर सलटाते हैं.

सेवानिवृत के बाद भी शिक्षा दे रहे है : उदयनाथ पाठक

पत्थलगड्डा प्रखंड नावाडीह टोला बोगासड़म के उदयनाथ पाठक जनवरी 2025 में प्लस टू उवि नावाडीह से सेवानिवृत्त हुए. 2008 से लेकर 2025 तक विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्य किया. सेवानिवृत्त होने के बाद भी उक्त विद्यालय में कक्षा 11वीं व 12वीं के बच्चों को शिक्षा नि:शुल्क दे रहे हैं. हर रोज विद्यालय आकर कक्षा लेते हैं. उन्होंने कहा कि 17 वर्षों तक शिक्षा से जुड़े होने के कारण सेवानिवृत्त होने पर घर में मन नहीं लगता है. इसलिए विद्यालय आकर बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं. बच्चो को खेल के प्रति जागरूक करते हैं.

उन्नत खेती के लिए किसानों को प्रेरित करते हैं : योगेश्वर राम दांगी

गिद्धौर प्रखंड के नीचे टोला निवासी योगेश्वर राम दांगी उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय पीतिज से 2025 में सेवानिवृत्त हुए. 35 वर्षों तक शिक्षक पद पर थे. सेवानिवृत्त होने के बाद खेती कर रहे हैं. साथ ही किसानों को उन्नत खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. किसानों को नये तकनीक से खेती करने के लिए जागरूक कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं. उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होने के बाद बैठने की बजाय खेती कर रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं.

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By Deepesh kumar

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