मझगांव.
पश्चिम सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड में 12 पंचायतों के लोग बीते एक माह से हाथियों के उत्पात से आतंकित हैं. एक माह में हाथियों ने चार लोगों की जान ली है. वहीं, 100 से ज्यादा घरों को तोड़ कर अनाज खाया है. करीब एक दर्जन परिवार बेघर हुए हैं. मंगलवार की रात एक दंतैल हाथी ने आठ घरों को तोड़ कर कई क्विंटल अनाज खा गया. वहीं दीवार गिरने से मलबा में दबने से एक परिवार के मां व छह बच्चे और एक चरवाहा घायल हो गया. चरवाहा को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.रात आठ बजे बेताझरी गांव में घुसा हाथी
करीब आठ बजे झुंड से बिछड़े एक दंतैल हाथी ने बेताझरी गांव में काया चातार व रामसिंह चातार के घर को तोड़कर धान-चावल चट कर दिया. इसके बाद रात लगभग 09:00 बजे चतरीसाई गांव में सुखलाल पिंगुवा व माटा पिंगुवा के घरों को तोड़ दिया. अंदर रखे धान और चावल खा गया. सुखलाल पिंगुवा अपने छह बच्चे और पत्नी के साथ घर में सोया हुआ था. हाथी ने घर की दीवार तोड़ दी. दीवार के मलबा में दबने से पत्नी लेपेय पिंगुवा, बच्चा फूल कुमारी पिंगुवा, सुखमति पिंगुवा, कृष्णा पिंगुवा, अजय पिंगुवा, संजय पिंगुवा व पिंकी पिंगुवा को हल्की चोट आयी है.
ग्रामीणों ने हाथी को खदेड़कर चरवाहा को मलबा से निकाला
हाथी वहां से मझगांव पंचायत के पांडुकी गांव पहुंच गया. यहां तीन घरों को तोड़ दिया. एक घर में मवेशी चरवाहा उचवा गोप सो रहा था. हाथी ने जैसे ही दीवार तोड़ी, मलबा उचवा गोप के ऊपर जा गिरा. रात के लगभग 11 बजे लोगों ने हाथी को भगाने के बाद मलबा से उचवा को निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगांव ले गये. डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल चाईबासा रेफर कर दिया. उसके सिर में गंभीर चोट लगी है. हाथी को ओडिशा जंगल में खदेड़ने की मांगहाथी ने प्रदीप कुमार हेंब्रम व हरीश बिरुवा के घर तोड़कर घर में रखे धान-चावल और हंडिया पी गया. हाथी पड़सा पंचायत के सिलफोड़ी गांव पहुंचकर गिरधारी तिरिया के घर तोड़कर धान चावल खा गया. लोगों को कहना है कि वन विभाग उक्त हाथी को खदेड़ कर ओडिशा के बड़े जंगलों में खदेड़े, तभी राहत मिलेगी.
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