मनोहरपुर/चिरिया. चार माह से बेरोजगार चिरिया माइंस के मजदूरों का सब्र जवाब देने लगा है. चिरिया की दुबिल खदान के 245 ठेका मजदूरों ने बुधवार को परिवार के साथ चिरिया सेल गेट जाम कर दिया. साथ ही सेल कार्यालय में कार्यरत कर्मियों की आवाजाही रोक दी. सेल प्रबंधन और ठेका कंपनी एनएसआइपीएल के विरोध में नारेबाजी की. मजदूरों का समर्थन करने के लिए चिरिया की मुखिया अल्बिना कांडुलना, पंसस सुनील दास समेत के अलग-अलग गांव के मुंडा भी पहुंचे. मजदूर नेता लाल समद, राजेश विश्वकर्मा, घनश्याम बड़ाइक, गंगा ठाकुर की अगुवाई में सेल कार्यालय में संयुक्त यूनियन प्रतिनिधि सेल प्रबंधन के बीच मजदूरों की नियुक्ति पर वार्ता हुई. वार्ता बेनतीजा निकला. संयुक्त यूनियन संगठन के प्रतिनिधित्व कर रहे बीएमएस के महामंत्री राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि साइडिंग पूल टूटने का कारण बताकर 245 श्रमिकों को छंटनी कर दिया गया. अब साइडिंग पुल बन गया है, तो मजदूरों की वापसी कराने में प्रबंधन द्वारा टालमटोल किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि अब प्रत्येक दिन सेल गेट के सामने मजदूर अब परिवार के साथ धरना देंगे और सेल गेट में आवाजाही को रोकेंगे. इधर सेल की सीएसआर से चलने वाली बस को भी मनोहरपुर नहीं जाने दिया गया.
देर शाम दुबारा मीटिंग हुई :
बुधवार शाम को यूनियन प्रतिनिधि और प्रबंधन के साथ दुबारा वार्ता हुई. इसमें यह सामने आयी कि ठेका कंपनी एनएसआइपीएल काम करना नहीं चाहती. ठेकदार का कहना है कि मेरा समय अवधि समाप्त हो गया है, जबकि सेल प्रबंधन का कहना है कि टेंडर के अनुसार ठेका कंपनी की एक साल की अवधि बची हुई है.यदि ठेका कंपनी काम नहीं करेगी, तो टेंडर रद्द कर नया टेंडर निकलेगा. इस प्रकिया में समय लग जायेगा. 26 जनवरी को ध्यान में रखते हुए सेल प्रबंधन ने मजदूरों को पांच दिन का समय मांगा. मजदूरों ने 28 जनवरी तक समय दिया. उसके बाद एनएच जाम करने का फैसला लिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
