प्रतिनिधि, चक्रधरपुर
पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त की पहल 'प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम' के तहत रविवार को कार्मेल स्कूल, चक्रधरपुर में विशाल रक्तदान सह नेत्रदान पंजीकरण शिविर आयोजित किया गया. शिविर का आयोजन सृष्टि अल्ट्रासाउंड एवं नेत्र क्लिनिक, चक्रधरपुर और संत अंजला अस्पताल, चक्रधरपुर के संयुक्त तत्वावधान में हुआ. सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चले शिविर में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान और नेत्रदान के प्रति जागरूकता दिखाई.
शिविर में 115 लोगों ने रक्तदान के लिए पंजीकरण कराया, जिनमें से 90 लोगों ने सफलतापूर्वक रक्तदान किया. रक्तदाताओं में 21 महिलाएं भी शामिल रहीं. आयोजकों ने बताया कि दोनों संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह पहला शिविर था, जिसे लोगों का व्यापक सहयोग मिला.
41 लोगों ने लिया नेत्रदान का संकल्प
शिविर के दौरान 41 लोगों ने नेत्रदान के लिए पंजीकरण कराया. सभी ने शपथ पत्र भरकर मृत्यु के बाद अपनी आंखों की कॉर्निया दृष्टिबाधित लोगों के उपचार के लिए दान करने का संकल्प लिया. आयोजकों ने इसे समाज में सेवा और मानवता की भावना को मजबूत करने वाली पहल बताया.
स्वैच्छिक रक्तदान और नेत्रदान के प्रति बढ़ी जागरूकता
डॉ. प्रवीण मिंज ने बताया कि शिविर का उद्देश्य समाज में स्वैच्छिक रक्तदान और नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक लोगों को इस महादान से जोड़ना था. उन्होंने कहा कि लोगों की सक्रिय भागीदारी इस बात का संकेत है कि समाज स्वास्थ्य और मानव सेवा के प्रति अधिक संवेदनशील हो रहा है.
'नेत्रदान मृत्यु के बाद भी देता है रोशनी'
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सेलिन सोशन ने नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "नेत्रदान मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में रोशनी ला सकता है." उन्होंने बताया कि मृत व्यक्ति की कॉर्निया का प्रत्यारोपण कर कॉर्निया संबंधी बीमारी से दृष्टि खो चुके मरीजों की आंखों की रोशनी लौटाई जा सकती है.
उन्होंने बताया कि एक नेत्रदाता की दोनों आंखों से 4 से 6 दृष्टिबाधित लोगों को लाभ मिल सकता है. साथ ही स्पष्ट किया कि नेत्रदान पूरी तरह सुरक्षित और सम्मानजनक प्रक्रिया है तथा इससे मृत व्यक्ति के चेहरे की सुंदरता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
शिविर को सफल बनाने में सदर अस्पताल चाईबासा, संत अंजला अस्पताल चक्रधरपुर और सृष्टि अल्ट्रासाउंड एवं नेत्र चिकित्सालय की चिकित्सा एवं सहयोगी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही. इस दौरान लोगों को रक्तदान और नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में भी वैज्ञानिक जानकारी दी गई.
प्रमुख बातें
- 115 लोगों ने कराया रक्तदान के लिए पंजीकरण.
- 90 यूनिट रक्त संग्रह, 21 महिलाओं ने किया रक्तदान.
- 41 लोगों ने कराया नेत्रदान पंजीकरण.
- प्रोजेक्ट जागृति के तहत कार्मेल स्कूल में आयोजित हुआ शिविर.
- रक्तदान और नेत्रदान के प्रति लोगों को किया गया जागरूक.
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