चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में बालू और गिट्टी की माइनिंग टेंडर नहीं होने के कारण संवेदकों को रॉयल्टी भुगतान में परेशानी हो रही है. जिले भर के संवेदकों का विभिन्न विभागों से निमार्ण कार्य पूर्ण होने के बाद भी बालू और गिट्टी की रॉयल्टी नहीं कट रही है. इसके चलते संवेदकों को भुगतान नहीं किया जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी सिहंभूम ग्रामीण संवेदक संघ के अध्यक्ष सुनील सिरका ने बुधवार को उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर मांग की.
संवेदकों को रॉयल्टी भुगतान में हो रही परेशानी
इसमें कहा गया है कि जिलें में बालू और गिट्टी का माइनिंग टेंडर नहीं होने के कारण संवेदकों को रॉयल्टी भुगतान में काफी परेशानी हो रही है. विभिन्न विभागों द्वारा संवेदकों के साथ टेंडर एवं एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत कार्य करने का निर्देश तो दिया जाता है, लेकिन बालू एवं गिट्टी की रॉयल्टी से सबंधित व्यवस्था स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण संवेदकों को कार्य स्थल पर सामग्री व्यवस्था करने एवं कार्य पूर्ण होने के बाद बिल भुगतान की प्रक्रिया में भी काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है.
व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने की मांग
मौजूदा समय में संवेदकों को समय पर निर्माण कार्य करने में बाधा उत्पन्न हो रही है. वहीं, विभागीय योजनाओं के कार्यान्वयन एवं संवेदकों की लंबित बिल भुगतान पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. ग्रामीण संवेदक संघ ने जिलें में पूर्व की भांति बालू एवं गिट्टी की रॉयल्टी भुगतान व जमा करने की व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए आवश्यक पहल एवं दिशा- निर्देश देने एवं व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने की मांग की है. मौके पर सुनील सिरका, मो राज, अविनिश सिरका, अरुण कुमार पोद्दार, शेख राजा, प्रकाश पिगुंवा, संदीप सिंकु आदि शामिल रहे.
