चक्रधरपुर. चक्रधरपुर के पंपरोड स्थित पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मंगलवार को सप्तशक्ति संगम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पीजे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर चाईबासा की पूजा गुप्ता, प्रियंका महाजन, सुनीता दीघार, प्रिया शर्मा, दमयंती नाग ने किया. आचार्या मीना कुमारी ने आगंतुक अतिथियों का परिचय कराया. प्रस्तावना में प्रियंका महाजन ने कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं इसकी अनिवार्यता की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भारतीय नारी देवी की प्रतिमूर्ति होती है. उन्होंने सप्तशक्तियों की व्याख्या कर कहा कि माता लक्ष्मी ने मां दुर्गा व काली का रूप धारण कर समाज का कल्याण किया. पूजा गुप्ता ने कहा कि संयुक्त परिवार स्वस्थ एवं सुखी परिवार है. इसे अक्सर संस्कारों की पाठशाला कहा जाता है, जहां बच्चे को दादा-दादी, चाचा-चाची से संस्कार, नैतिकता, सामाजिक कौशल मिलते हैं. संयुक्त परिवार से बच्चों में संस्कारों की नींव पड़ती है.
देश के विकास में महिलाओं की भूमिका अहम : सुनीता
सुनीता दीघार ने महिलाओं की भूमिका पर कहा की भारतीय नारी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र चेतना है. उन्होंने कहा कि देश के विकास में महिलाओं की भूमिका सर्वोपरि है. उपस्थित माताओं ने अनुभव कथन में ऐसे कार्यक्रमों की सराहना की. उन्होंने कहा कि हमें आज जो प्रेरणा मिली है, उसे अपने जीवन में और अपने बच्चों को संस्कार देने में अपनायेंगे. कार्यक्रम में आचार्या शांति देवी द्वारा प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया. इस मौके पर सप्तशक्ति गीत प्रस्तुत किया गया. इस सप्तशक्ति संगम में काफी संख्या में माताओं ने भाग लिया. प्रधानाचार्य आनंद चंद्र प्रधान की उपस्थिति में कार्यक्रम का समापन हुआ.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
