Chaibasa News : सरल भाषा का उपयोग करें, जीवन खुशहाल रहेगा : गुरुजी चंद्रभानू

श्री साईं के जयकारे से साईंमय हुआ क्षेत्र, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

चक्रधरपुर.

गुरुजी चंद्रभानू सतपति बुधवार को चक्रधरपुर के श्री साईं देवस्थान मंदिर पहुंचे. यहां उनका भव्य स्वागत किया गया और कई कार्यक्रम आयोजित किये गये. इसमें मध्याह्न आरती, गुरु भागवत दूंगी और पुस्तकालय का उद्घाटन, भजन संध्या और प्रसाद वितरण शामिल थे. यह कार्यक्रम श्री शिरडी साईं भक्त मंडल चक्रधरपुर द्वारा आयोजित किया गया था. दोपहर 12.00 बजे गुरुजी के चक्रधरपुर के साईं मंदिर पहुंचते ही पूरा क्षेत्र साईंमय हो गया. मिनिता दोदराजका, शिखा भगेरिया, अंजू खिरवाल, प्रतिभा प्रधान, साक्षी दोदराजका, रीना षाड़ंगी, अंजू षाड़ंगी आदि ने मंदिर प्रवेश से पहले गुरुजी श्री सतपति का पैर पखारे. इसके बाद मंदिर में प्रवेश कर बाबा साईं नाथ की पूजा-अर्चना व आरती की. इस दौरान साईं के जयकारे से पूरा क्षेत्र साईंमय हो गया. इस मौके पर गुरुजी श्री सतपति के हाथों पुस्तकालय का उद्घाटन हुआ.

गुरुजी ने बाल कलाकारों को आशीर्वाद दिया :

गुरुजी चंद्रभानू सतपति ने कार्यक्रम के दौरान बाल कलाकारों को आशीर्वाद व उपहार भेंट किये. बच्चों के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया. उपहार स्वरुप बच्चों को चॉकलेट व उपहार दिये. बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रशंसा की. मौके पर गुरुजी चंद्रभानू सतपति ने कहा कि जीवन में हमेशा सरल भाषा का उपयोग करें. सरल भाषा को समझने व सुनने में काफी सहूलियत होती है. उन्होंने कहा कि 10 साल पहले वे चक्रधरपुर में साईं देवस्थान मंदिर का उद्घाटन में आये थे. आज मंदिर में काफी बदलाव देखने को मिला. भक्तों का जुड़ाव देख वे काफी खुशी जाहिर की. बाल कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भजन की जमकर तारीफ की.

10 साल पहले आये चक्रधरपुर आये थे गुरुजी चंद्रभानू सतपति :

परम श्रद्धेय गुरुजी चंद्रभानू सतपति 10 वर्ष पूर्व 26 जनवरी 2016 को चक्रधरपुर के साईं देवस्थान मंदिर का उद्घाटन करने आये थे. श्री सतपति शिरडी साईं बाबा से जुड़े एक व्याख्यात आध्यात्मिक गुरु हैं. वे साईं नाथ की श्रद्धा व सबूरी के संदेश को बड़े स्तर पर प्रसार-प्रचार करते हुए पवित्रता विनम्रता, नि:स्वार्थ सेवा के मूल्यों पर विशेष बल देते हैं. गुरुजी ने वर्ष 1972 में भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस ) में उत्तर प्रदेश कैडर के अंतर्गत अपनी सेवा प्रारंभ की. महत्वपूर्ण दायित्वों को सफलता पूर्वक निवर्हन करते हुए वर्ष 2008 में पुलिस महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए. उत्कृष्ट सेवाकाल के दौरान उन्हें भारत के राष्ट्रपति की ओर से प्रदत्त अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया. 1985 में पुलिस वीरता पदक मिला.

कलाकारों ने गीत प्रस्तुत कर समां बांधा

इस मौके पर श्री शिरडी साईं भक्त मंडल की महिला प्रमुख मिनिता दोदराजका ने गुरुजी की जीवनी पर प्रकाश डाला. मंदिर कमेटी की ओर से गोविंद दोदराजका व आदर्श दोदराजका के हाथों गुरुजी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. झिमली चटर्जी एंड टीम ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों के बीच समां बांध दिया. इस मौके पर काफी संख्या में साईं भक्त मौजूद थे.

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Author: ATUL PATHAK

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