जैंतगढ़: बड़बिल थाना पुलिस ने वाहनों में इस्तेमाल होने वाले नकली डीईएफ (डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड) यानी ‘यूरिया’ के निर्माण और सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने ढेंकनाल के सदाशिवपुर स्थित अवैध फैक्ट्री में छापेमारी कर फैक्ट्री मालिक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में तीन राजस्थान के रहने वाले हैं.
टाटा अधिकारी की शिकायत पर शुरू हुई जांच
मामले की कार्रवाई टाटा ब्रांड के अधिकारी सनी घोष की शिकायत के बाद शुरू हुई. शिकायत में बड़बिल क्षेत्र की दुकानों में टाटा और गोल्फ जैसे ब्रांड के नाम पर नकली DEF बेचे जाने की जानकारी दी गयी थी. पुलिस ने जय श्री श्याम लुब्रिकेंट्स, उजाला मोटर्स और बसंत कुमार परष्टी की दुकानों पर छापेमारी कर नकली यूरिया की बाल्टियां बरामद कीं.
50 बाल्टी नकली यूरिया के साथ सप्लायर धराया
जांच के दौरान रविवार को पुलिस ने सप्लायर पिकअप वैन को रोककर श्रीकांत होता को 50 बाल्टी नकली यूरिया के साथ पकड़ा. पूछताछ में ढेंकनाल में अवैध फैक्ट्री चलाये जाने का खुलासा हुआ. यहां राजस्थान से तकनीकी स्टाफ बुलाकर नकली डीईएफ तैयार किया जाता था.
नकली होलोग्राम लगाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई
क्योंझर एसपी के निर्देश पर गठित दो विशेष टीमों ने फैक्ट्री में छापेमारी कर पूरा सेटअप ध्वस्त कर दिया. पुलिस ने मौके से 182 बाल्टी नकली डीईएफ, फिल्टर मशीन, 1000 लीटर का टैंकर, नकली होलोग्राम, 25 हजार रुपये नकद, क्रेटा कार और पिकअप वैन जब्त की.
तैयार माल को असली ब्रांड के नकली होलोग्राम लगाकर बड़बिल समेत आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों में खपाया जाता था. गिरफ्तार आरोपियों में फैक्ट्री मालिक श्रीकांत होता (ढेंकनाल) तथा राजस्थान निवासी दीपा राम, रेखा राम और महेश कुमार शामिल हैं. सभी को अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.
