Chaibasa News : हाथी को देख खिड़की के रास्ते बच्चों की जान बचायी

ग्रामीणों के शोर मचाने पर हाथी भागे, तो परिवारों ने राहत की सांस ली

झींकपानी . पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड स्थित डुंडुचू, हेस्सा सुरुनिया व चालगी में शुक्रवार की रात झुंड से बिछड़े एक हाथी ने छह घरों को नुकसान पहुंचाया. वहीं, मेरेलगुटू में उत्पात मचाया. गांवों में रातभर लोग दहशत में रहे. हाथी ने हेस्सा सुरुनिया के (गोदाबासा) में देवेन हेस्सा का घर तोड़ कर धान खाया. देवेन की पत्नी शिल्पा हेस्सा व 2 वर्षीय पुत्री रानी हेस्सा दूसरे के घर में सो रही थी. देवेन रोजगार के लिए बाहर गया है. हाथी ने डुंडूचू के बगनाबासा में बीरसिंह हेस्सा का घर तोड़ा. घर के सदस्यों ने छोटे बच्चों को खिड़की से दूसरे कमरे में भेज कर जान बचायी. हाथी ने बगनाबासा में जानो हेस्सा के घर को तोड़ने का प्रयास किया. जानो व उसकी बेटी डर गये. ग्रामीणों के शोर मचाने पर हाथी भाग गया.

घर तोड़ अंदर रखी हड़िया पी गया हाथी:

हाथी ने शाम 6 बजे चालगी में मंगल हांसदा व दामुर सिंह हेस्सा के घर को तोड़ दिया. धान खाने के साथ हड़िया पी गया. घर के सदस्य कुदाहातू टुसू प्रतिमा विसर्जन देखने गये थे. हाथी ने नंदू हेस्सा के घर के एस्बेस्टस को नुकसान पहुंचाया. गौरतलब हो कि हाथी ने गुरुवार की रात नीमडीह में चार घरों को तोड़ दिया था.

वन विभाग बोला- हाथी बेलगाम हो गये हैं, ग्रामीण बोले- शाम को गांवों में आये टीम :

सूचना पाकर शनिवार को वन विभाग की टीम पहुंची. प्रभावितों से मुआवजा फॉर्म भरवाया व पटाखा वितरण किया. वन विभाग ने ग्रामीणों से कहा कि हाथी बेलगाम हो गये हैं. ग्रामीण सतर्क रहें. शाम ढलने या अहले सुबह अकेला घर से न निकलें. जंगल की ओर न जायें. ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग की टीम गांव में शाम ढलने के बाद आये व रात के समय हाथियों को खदेड़ने का काम करें.

दो साल से डर के साये में हैं ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 2 साल से डर के साये में हैं. एक दंतैल हाथी द्वारा लोगों की जान लेने के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं. ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग हाथियों को खदेड़ने में तत्परता दिखाये, अन्यथा जोरदार आंदोलन किया जायेगा.

हाथी ने तोड़ा घर, फसल को रौंदकर किया बर्बाद

चांडिल. कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के कुकड़ू गांव में बीते शुक्रवार की रात को हाथी ने जमकर उत्पात मचाया. डोमन गोप के घर में रखे धान को निकाल कर खाया. वहीं, बुका गोप के घर को तोड़कर कर क्षतिग्रस्त कर दिया. साथ ही किसानों के खेत में लगे आलू, बंदा गोभी, टमाटर आदि की फसलों को रौंदकर बर्बाद कर दिया. शनिवार की सुबह ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने हाथी द्वारा किये गये नुकसान जायजा लिया. ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग क्षतिग्रस्त घर व फसलों का मुआवजा अविलंब पीड़ित परिवारों को दे. साथ ही हाथियों को क्षेत्र से दूर भगाने का काम करें.

हाथियों से परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग का पुतला फूंका

चाईबासा. टोंटो प्रखंड के नीमडीह गांव के ग्रामीणों ने हाथियों से परेशान होकर वन विभाग के पदाधिकारियों का पुतला दहन किया. ग्रामीणों का कहना है कि हाथी कई दिनों से घरों को तोड़ रहा है, जान माल का खतरा बना हुआ है, पर वन विभाग कुछ नहीं कर रहा है. मजदूर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा ने कहा कि वन विभाग हमेशा जंगल में बसे आदिवासियों को परेशान करता है. वन विभाग अगर जल्द से जल्द हाथियों को सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया, तो जिला में चक्का जाम किया जायेगा. उन्होंने कहा कि ओडिशा में मृतक परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है, जबकि झारखंड सरकार मात्र चार लाख रुपये देती है. हमारी पार्टी मांग करती है कि मृतक परिवार को एक करोड़ रुपये और घर तोड़ने पर 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाये.

हाथी के खौफ से साप्ताहिक हाट में कम पहुंचे ग्राहक

जैंतगढ़. शनिवार की सुबह जैंतगढ़ में एक दंतैल हाथी के पहुंचने का सर बाजार पर पड़ा. जिले की दूसरी सबसे बड़ी साप्ताहिक हाट जैंतगढ़ में कापी कम लोग पहुंचे. ओडिशा क्षेत्र से बहुत कम ग्राहक आये. एक ओर मकर का बासी पर्व, दूसरी ओर हाथी का खौफ ने बाजार पर व्यापक प्रभाव डाला. आम दिनों के मुकाबले बाजार में 25% भी भीड़ नहीं थी.

जैंतगढ़ में दिनदहाड़े दंतैल हाथी के पहुंचने से अफरा-तफरी, दर्जनों गांव के लोगों ने खदेड़ा

जैंतगढ़. जैंतगढ़ व आसपास के क्षेत्र में विगत 25 दिनों से एक दंतैल हाथी उत्पात मचा रहा है. शनिवार को दिनदहाड़े हाथी के पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गयी. दर्जन भर गांव के लोगों ने हाथी को खदेड़ना शुरू किया. ग्रामीणों के अनुसार, सुबह छह बजे दंतैल हाथी बाइहातु जंगल की ओर से कुदाहातु गांव होते हुए कोंकवा नाला पार कर बेलपोसी पाेकॉन के बीच खेतों में नजर आया. उसके बाद छनपदा, पट्टाजैंत, जगासही, सिलाई सही, गोबरगांव, राजाबासा, बेलपोस, कूदाहातु, सोसोपी, बनकाठी, कड़ीगुड़िया, मानिकपुर, ब्रह्मपुर व कादोकोड़ा आदि गावों के लोगों ने हाथी को खदेड़ना शुरू किया.

जैंतगढ़-जगन्नाथपुर मुख्य सड़क पर घूमता रहा हाथी:

हाथी जैंतगढ़-जगन्नाथपुर मुख्य सड़क के आसपास आधा घंटा तक विचरण करता रहा. ग्रामीणों के खदेड़ने पर हाथी मानिकपुर आम बागान होते हुए क्रशर के पास पहुंचा. वहां से खदेड़े जाने पर ब्रह्मपुर में 17 हाथियों के झुंड के साथ मिल गया.

वैतरणी पार कर झारखंड में घुसे 17 हाथी

दूसरी ओर ब्रह्मपुर जंगल में 17 हाथियों का एक झुंड ओडिशा की ओर से वैतरणी नदी पार होकर आया. दिन के आठ बजे लोगों ने हाथियों को वैतरणी नदी किनारे से ब्रह्मपुर जंगल की ओर जाते देखा. समाचार लिखे जाने तक हाथियों का झुंड ब्रह्मपुर जंगल में था.

घोड़ाबांधा व नयागांव में हाथियों ने कई घर तोड़े, धान खाया

मझगांव. मझगांव प्रखंड के घोड़ाबांधा व नयागांव पंचायत में पिछले एक सप्ताह से जंगली हाथियों से ग्रामीण परेशान हैं. शुक्रवार की रात झुंड से बिछड़े दंतैल हाथी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. घोड़ाबांधा पंचायत अंतर्गत उलिसाई निवासी बुधराम कुम्हार के घर को तोड़कर अंदर रखे लगभग 10 क्विंटल से अधिक धान खा गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By ATUL PATHAK

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