Chaibasa News : 24 बच्चे गोद लेने और पुनर्वास के लिए चिह्नित

जोखिम वाले बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विकसित होगा ग्रुप फोस्टर केयर मॉडल

चाईबासा. जिला समाहरणालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण कार्यालय व संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक हुई. यहां एकीकृत बाल संरक्षण योजना, बाल तस्करी, बाल मजदूरी और बाल सुधार गृहों में संचालित कार्यक्रमों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया गया. बताया गया कि जिला अंतर्गत पालन पोषण देखभाल योजना के तहत जोखिम वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए 09 इच्छुक परिवारों ने आवेदन दिया है. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जो बच्चे 06 माह से अधिक समय से बाल देखरेख संस्थानों में रह रहे हैं, उनके परिवार से संपर्क कर उन्हें पुनर्वासित किया जाये. इस प्रक्रिया के तहत बाल कल्याण समिति द्वारा कुल 24 बच्चों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 14 बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 10 पर कार्य जारी है.

एसओएस और विशेष दत्तक केंद्र का होगा संचालन

उपायुक्त चंदन कुमार ने जिले में ग्रुप फोस्टर केयर मॉडल विकसित करने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने एसओएस केंद्र तथा विशेष दत्तक ग्रहण केंद्र के सफल संचालन के लिए अब तक की गयी कार्रवाई की जानकारी ली. सभी प्राथमिक प्रक्रियाओं को यथाशीघ्र पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया. बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी, सहायक निदेशक खुशेन्द्र सोनकेशरी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी, श्रम अधीक्षक एवं विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

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By ATUL PATHAK

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