Chaibasa News : नक्सलियों के खिलाफ बेहतर समन्वय बना खुफिया तंत्र और मजबूत करें : डीजी
नक्सल विरोधी अभियान की समीक्षा के लिए चाईबासा पहुंचे सीआरपीएफ डीजी
By ATUL PATHAK | Updated at :
चाईबासा. झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज किया जायेगा. इसे लेकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक (डीजी) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह शुक्रवार को चाईबासा पहुंचे. यहां समाहरणालय में राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करें. खुफिया तंत्र को और मजबूत बनायें. नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सशक्त सूचना तंत्र बेहद आवश्यक है.
नक्सलियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायें
बैठक में अधिकारियों के साथ सारंडा और कोल्हान के घने जंगलों में सक्रिय नक्सली संगठनों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन की विस्तृत समीक्षा की. हाल में हुई मुठभेड़ों, बरामद आइइडी और सुरक्षा बलों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में रांची व झारखंड जगुआर के डीआइजी इंद्रजीत महथा, चाईबासा पुलिस के अधीक्षक अमित रेनू भी मौजूद रहे. झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के कई वरिष्ठ अधिकारी भी रहे. इस दौरान नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती, ग्रामीण क्षेत्रों में संवाद बढ़ाने और नक्सलियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू करने पर चर्चा हुई.
नक्सलियों की आपूर्ति व्यवस्था और सहयोगी नेटवर्क ध्वस्त करें
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नक्सलियों की आपूर्ति व्यवस्था और उनके सहयोगी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाये. साथ ही स्थानीय ग्रामीणों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने और नक्सलियों को अलग-थलग करने की रणनीति अपनाने पर भी जोर दिया गया.
बड़े अभियान की तैयारी
वर्तमान में कोल्हान और सारंडा वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों की ओर से सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है. लगातार हो रही कार्रवाई के बीच सीआरपीएफ डीजी के इस दौरे को आने वाले दिनों में नक्सलियों के खिलाफ और बड़े अभियान की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है.
40 दिनों के भीतर दूसरा दौरा
सीआरपीएफ डीजी का यह दौरा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उल्लेखनीय है कि पिछले 40 दिनों के भीतर यह उनका दूसरा चाईबासा दौरा है. इससे पहले वे 19 जनवरी को भी यहां पहुंचे थे. कम समय के अंतराल में उनका दोबारा दौरा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान को निर्णायक चरण में ले जाने की तैयारी की जा रही है.
सारंडा में मिसिर बेसरा समहित 40 नक्सली मौजूद
मौजूदा समय में सारंडा में भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा सहित 40 से ज्यादा नक्सली मौजूद हैं. उनकी तलाश जारी है. इन नक्सलियों को सरेंडर करने का आदेश दिया जा चुका है. विगत माह सुरक्षा बलों की नक्सलियों के खिलाफ चलाये गये अभियान में भारी सफलता मिली थी.