Chaibasa News : तमिलनाडु में बंधक सातों बच्चियों को आजादी के लिए चुकाने पड़े पैसे

जगन्नाथपुर के आरोपी ने काम दिलाने के नाम पर बच्चियों को बंधक बनवाया

नोवामुंडी. नोवामुंडी की महुदी पंचायत के बंगला डीपा गांव की सात नाबालिग बच्चियों के साथ मानव तस्करी और शोषण का मामला सामने आया है. इन बच्चियों को बेहतर काम और मजदूरी का झांसा देकर तमिलनाडु ले जाया गया था, जहां उन्हें बंधक बनाकर अमानवीय प्रताड़ना दी गयी. प्रभात खबर में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन और न्यायपालिका सक्रिय हुई है. अब बच्चियां ट्रेन से वापस घर लौट रही हैं. उन सातों बच्चियों को वहां से छोड़ने के बदले 6000 रुपये वसूले गये, जिसके बाद उन्हें ट्रेन में बैठने दिया गया.

डालसा अध्यक्ष के आदेश पर जांच शुरू:

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष मो. शाकिर के निर्देश पर पीएलवी प्रमिला पात्रों को जांच के लिए बंगला डीपा गांव भेजा गया. प्रमिला पात्रों ने वहां पहुंचकर पीड़ित बच्चियों के अभिभावकों से मुलाकात की और बयान दर्ज किये. पीएलवी प्रमिला पात्रों द्वारा फोन पर संपर्क करने पर बच्चियों ने बताया कि वे किसी तरह वहां से निकलने में सफल हुई हैं.

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और समाजसेवियों ने मांग की है कि आरोपी सनिवारी सिंकू को तुरंत गिरफ्तार किया जाये. इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो. फिलहाल डालसा की टीम बच्चियों के लौटने का इंतजार कर रही है, ताकि उनका आधिकारिक बयान दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके.

विरोध करने पर मारपीट व गाली-गलौज करते थे

परिजनों ने बताया कि अगस्त माह में जगन्नाथपुर निवासी सनिवारी सिंकू नामक व्यक्ति ने सातों बच्चियों को बहला-फुसलाकर, बिना अभिभावकों की अनुमति के तमिलनाडु ले गया था. वहां पहुंचते ही बच्चियों के मोबाइल छीन लिये गये और उनसे जबरन कठिन काम कराया गया. विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती थी.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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