Chaibasa News : छह माह से बकाया मानदेय और स्थायीकरण की मांग पर धरना

चाईबासा. मनरेगा कर्मियों ने शुरू की सांकेतिक हड़ताल

चाईबासा. अपनी लंबित मांगों के समर्थन में झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी मनरेगा कर्मचारी मंगलवार से सांकेतिक हड़ताल पर चले गये हैं. प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने पुराना उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एकत्रित होकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया. धरना पर बैठे कर्मियों ने बताया कि पिछले छह माह से अधिक समय से उनका मानदेय बकाया है, जिससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. कर्मियों का आरोप है कि उन पर बिना अतिरिक्त संसाधन के असंगत कार्य बोझ थोपा जा रहा है. साथ ही, फील्ड में कार्य करने के दौरान सामाजिक सुरक्षा का अभाव है. संघ के अनुसार, अब तक राज्य में 112 कर्मियों की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके आश्रितों को कोई सहायता नहीं मिली.

12 मार्च से पूर्ण कार्य बहिष्कार का अल्टीमेटम:

संघ के जिला अध्यक्ष शंभू गोप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 11 मार्च, 2026 तक सरकार मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं करती है, तो 12 मार्च से जिले के सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, अभियंता, कंप्यूटर सहायक, लेखा सहायक और ग्राम रोजगार सेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. सांकेतिक धरना में जिला कार्यकारी अध्यक्ष दिगंबर कुमार, सचिव पुरुषोत्तम गोप, निरंजन मुखी, अजय यादव, अनुरूप मुंडू, महेंद्र महतो, दिनेश महतो, अजीत डोंगे, रूपलाल दास, ब्रज किशोर सुंडी और सविता सिंकू सहित भारी संख्या में कर्मी शामिल थे.

प्रमुख मांगें

– मनरेगा कर्मियों का स्थायीकरण किया जाये

– ग्रेड-पे सहित सभी सर्विस बेनिफिट्स लागू किए जायें

– बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान हो

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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