चक्रधरपुर थाना के इंदकाटा गांव में विक्षिप्त युवक(मानसिक रूप से कमजाेर) को बच्चा चोर समझकर ग्रामीणों ने बेरहमी से पिटाई कर दी. इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया गया. पुलिस अब इस मामले में दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी में जुट गयी है. इससे पहले सोमवार को चक्रधरपुर प्रखंड की हाथिया पंचायत के रामडा गांव में ग्रामीणों ने वृद्ध महिला को बच्चा चोर समझकर बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया था.
लापता भाई की तलाश में पहुंच गया था इंदकाटा गांव:
जानकारी के अनुसार चक्रधरपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या 17 (अंसारनगर) निवासी मो वसीम उर्फ गुड्डू मानसिक रूप से कमजोर है. गुड्डू का छोटा भाई भी मानसिक रूप से अस्वस्थ था. वह 18 अक्तूबर 2024 से लापता है. अपने भाई की तलाश में गुड्डू अक्सर इधर-उधर भटकते रहता है. सोमवार को भी वह भाई की तलाश में इंदकाटा गांव पहुंच गया था. यहां ग्रामीणों ने बिना किसी पूछताछ के बच्चा चोर समझकर जमकर पिटाई कर दी.
इधर-उधर से मांगकर अपना पेट भरता है
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भीड़ ने गुड्डू को बच्चा चोर बताते हुए पहले पिटाई कर दी. इसके बाद मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर फैला दिया. गुड्डू किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहा. परिजनों ने बताया कि गुड्डू के पिता गोपी का निधन बहुत पहले हो चुका है. वह इधर-उधर से मांगकर अपना पेट भरता है. घटना के बाद से परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.
अंजुमन इस्लामिया ने की कानूनी कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर अंजुमन इस्लामिया चक्रधरपुर के सचिव बैरम खान ने रोष प्रकट किया है. उन्होंने कहा कि अफवाह के आधार पर किसी निर्दोष की पिटाई करना गंभीर कानूनन अपराध है. इस मामले में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ चक्रधरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो.
कानून हाथ में न लें ग्रामीण : थाना प्रभारी
थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. उन्होंने चेताया कि कानून हाथ में लेकर किसी के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी. लोगों से शांति और कानून व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करने की अपील की है.
बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे अभिभावक, उपस्थिति घटी
झींकपानी. कोल्हान के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बच्चा चोरी की अफवाहें जंगल की आग की तरह फैली हुई हैं. इस उन्माद के कारण अब तक कई निर्दोष लोग भीड़ के हत्थे चढ़कर लहूलुहान हो चुके हैं. स्थिति इतनी भयावह है कि समाज का हर वर्ग डर के साये में जीने को विवश हैं. अफवाहों के डर से अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना कम कर दिया है, जिससे स्कूलों में उपस्थिति गिर रही है.
फेरी वालों का व्यवसाय हुआ चौपट
गांवों में फेरी लगाने वाले और भिक्षुकों का प्रवेश वर्जित हो गया है. वे डर के कारण व्यापार नहीं कर पा रहे हैं. झींकपानी और टोंटो जैसे प्रखंडों में ग्रामीण एक ओर जंगली हाथियों से बचने के लिए रतजगा कर रहे हैं, तो दूसरी ओर बच्चा चोर के डर से गांवों में पहरेदारी तेज कर दी गयी है.
प्रशासनिक प्रयासों पर सवाल:
प्रशासन की ओर से अब तक केवल कानून हाथ में न लेने की औपचारिक अपील की गयी है. जागरूकता के ठोस और धरातलीय प्रयासों के अभाव में ये अफवाहें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. ग्रामीणों का मानना है कि जब तक प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाएगा, तब तक निर्दोषों का उत्पीड़न जारी रहेगा.
रिश्तेदार भी गांवों में आने से कतरा रहे
अनजान व्यक्ति तो दूर, अब लोग अपने रिश्तेदारों के घर मेहमान बनकर जाने से भी कतरा रहे हैं. सबसे ज्यादा खतरा मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों पर मंडरा रहा है, जिन्हें संदेह मात्र पर निशाना बनाया जा रहा है.
‘होन कुम्बू’ फिल्म से बच्चा चोरी की अफवाहों पर लगाम की कोशिश
झींकपानी. कोल्हान कॉमेडी फिल्म्स ने क्षेत्र में फैली बच्चा चोरी की अफवाहों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ‘होन कुम्बू’ नामक फिल्म यूट्यूब पर रिलीज की है. प्रोड्यूसर जीतेन्द्र गोप और डायरेक्टर राजेश बानरा की फिल्म से संदेश दिया गया है कि ग्रामीण कानून हाथ में न लें और किसी भी संदिग्ध की सूचना तुरंत 100 या 108 नंबर पर पुलिस को दें. अभिभावकों को बच्चों पर नजर रखने की सलाह दी गई है. फिल्म में मुख्य भूमिका जीतेन्द्र गोप, राजेश बानरा, सोमा सोय व संगीता सुंडी ने निभायी है.