जैंत गढ़. चंपुआ थाना क्षेत्र में रविवार की अहले सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब 18 जंगली हाथियों का झुंड चंपुआ बस पड़ाव तक पहुंच गया. हालांकि उस समय बस पड़ाव पर काफी कम लोग थे. हाथियों से किसी प्रकार के कोई क्षति की सूचना नहीं है.
नदी पार नहीं कर सके तो एनएसी में घुसे
प्राप्त जानकारी के अनुसार दो दिन पहले चंपुआ रेंज के बालीबांध सेक्शन से चंपुआ सेक्शन में घुसा 18 हाथियों का झुंड कल रात शाशांग बैतरणी किनारे पहुंच गया. उन्होंने मयूरभंज जाने के लिए बैतरणी नदी पार करने की भी कोशिश की. लेकिन बैतरणी नदी में पानी बढ़ने की वजह से हाथियों का झुंड नदी पार नहीं कर सका और नदी किनारे चंपुआ NAC में घुस गया.
दो घंटे तक बस स्टैंड के आस-पास के इलाके में घूमता रहा झुंड
हाथियों का झुंड चंपुआ नंबर 11 वार्ड गौड़ साही से होते हुए चंपुआ बस स्टैंड में घुसा. आज सुबह करीब 3 बजे यह चंपुआ बस स्टैंड में घुसा. हाथियों का झुंड चंपुआ बस स्टैंड इलाके में दो घंटे से ज्यादा समय तक रहने के बाद, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हाथियों को भगाया. हाथियों का झुंड रामला गांव से होते हुए शाशांग जंगल की ओर चला गया. हाथियों का झुंड दो घंटे तक चंपुआ बस स्टैंड के आस-पास के इलाके में घूमता रहा, हालांकि हाथियों के झुंड ने चंपुआ में कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन लौटते समय रामला गांव में एक घर को तोड़ दिया. फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की काफी कोशिश के बाद हाथियों का झुंड रामला के रास्ते शाशा के जंगल में वापस आ गया है. इस मामले को लेकर नगर में हड़कंप मच गया है.
ये भी पढ़ें: एनएसयूआई से मंत्रियों की वार्ता, 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने और 90 दिनों में जांच पूरी करने की मांग
ये भी पढ़ें- बाइक पार्किंग के विवाद में गुमला में मारपीट, पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी का आरोप
