प्रतिनिधि, चाईबासा महिला कॉलेज चाईबासा का बीएड भवन अत्यंत जर्जर हो गया है. इसे लेकर कोल्हान विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व सचिव पिपुन बारीक ने उपायुक्त और विश्वविद्यालय की कुलपति को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर भवन के जीर्णोद्धार की मांग की है. पिपुन बारीक ने बताया कि भवन की छतों से लगातार प्लास्टर और कंक्रीट के टुकड़े गिर रहे हैं. कभी भी हादसा हो सकता है. भवन के कमरों की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं. कई स्थानों पर सीलन व पानी का रिसाव हो रहा है. फर्श की टाइलें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं. इस बीएड विभाग में प्रतिदिन दो यूनिटों में लगभग 200 छात्राएं पढ़ाई करने आती हैं. शिक्षक और कर्मचारी नियमित रूप से खतरनाक भवन का उपयोग करते हैं. उन्होंने मांग की है कि जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (डीएमएफटी) फंड या विश्वविद्यालय के विशेष अभियंताओं की टीम से इसका तकनीकी निरीक्षण कराकर छत-दीवारों का सुदृढ़ीकरण, रंग-रोगन और जल निकासी की व्यवस्था जल्द दुरुस्त की जाये.
महिला कॉलेज का बीएड भवन जर्जर, छात्राओं की सुरक्षा खतरे में
चाईबासा महिला कॉलेज का बीएड भवन जर्जर होने से छात्राओं की सुरक्षा पर संकट है। पूर्व छात्र नेता ने प्रशासन से मरम्मत की तत्काल मांग की है।

तस्वीर: 09 सीबीएस 31 दीवारों में पड़ी दरारतस्वीर: 09 सीबीएस 32 भवन में लगी रही जगह जगह काई तस्वीर: 09 सीबीएस 33 छतों से रिसता पानी | Prabhat Khabar Network