- मरीजों एवं परिजनों से की सीधी बातचीत, स्वास्थ्य सेवाओं का लिया फीडबैक- सीएसआर मद से स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करायी गयी 1000 मच्छरदानियां, जिले में 10 हजार मच्छरदानियों के वितरण की होगी व्यवस्थातसवीर 9सीबीएस 52: अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों का हालचाल लेते डीसीतसवीर 9सीबीएस 53: सीएस व डीएस को मच्छरदानी प्रदान करते डीसी
तसवीर9सीबीएस 54: इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण करते डीसी व अन्य अधिधकारीप्रतिनिधि, चाईबासा
पश्चिमी सिंहभूम जिले में आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है. इसी क्रम में उपायुक्त मनीष कुमार के द्वारा सदर अस्पताल चाईबासा के इमरजेंसी वार्ड का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया गया. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के उपचार, दवा उपलब्धता, चिकित्सकीय उपकरणों की कार्यशीलता, साफ-सफाई, बेड प्रबंधन, नर्सिंग सेवाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तारपूर्वक अवलोकन किया.
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से इमरजेंसी सेवाओं के संचालन, मरीजों की संख्या, चिकित्सकों की उपलब्धता एवं आवश्यक संसाधनों की स्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिया कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए.
मरीजों से जाना हालचाल
उपायुक्त ने वार्ड में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद स्थापित कर उनका हालचाल जाना तथा उपचार व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता एवं अस्पताल की अन्य सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया. उन्होंने मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की तथा चिकित्सकों को निर्देशित किया कि मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाए.निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था तथा मरीजों की सुविधा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की भी समीक्षा की. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि इमरजेंसी वार्ड में आने वाले प्रत्येक मरीज का त्वरित पंजीकरण, आवश्यक जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी परिस्थिति में मरीजों को अनावश्यक प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े.
