Chaibasa News : फंड की कमी से नल-जल योजना अधूरी, बच्चे स्कूल व लोग मजदूरी करने भूखे-प्यासे जाते हैं

मझगांव. दामोदरसाई गांव में दो साल पहले शुरू हुई थी योजना, पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण

मझगांव. मझगांव प्रखंड की नयागांव पंचायत स्थित दामोदरसाई गांव में नल-जल योजना फंड के की कमी के कारण दो साल से अधूरी पड़ी है. ऐसे में गांव के लगभग 150 परिवार पेयजल के लिए सुबह से शाम तक जद्दोजहद करते हैं. गांव के एकमात्र नलकूप से किसी तरह पीने व भोजन के लिए पानी मिल पाता है. ग्रामीणों का कहना है कि घंटों कतार में खड़े रहने के बाद मुश्किल से एक डेगची (बर्तन) पानी मिल पाता है. इससे पीने व खाना बन पाता है. कई बार घर में पेयजल नहीं होने से बच्चों को भूखे-प्यासे स्कूल और मजदूरों को मजदूरी करने जाना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि हमारी सुनने वाला कोई नहीं है. गांव में पेयजल का संकट हम कई पीढ़ियों से देख रहे हैं. वर्ष 2023-24 में नल-जल बनने पर उम्मीद जगी थी कि अब हमें पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. दो साल बाद भी योजना पूरी नहीं हो सकी है. पाइपलाइन तक नहीं बिछा है. पेयजल के लिए कठिन परिश्रम हमारी प्रारब्ध (नियति) बन गयी है.

स्ट्रक्चर खड़ा किया, लेकिन पाइपलाइन नहीं बिछी :

दो वर्ष पूर्व दामोदरसाई गांव में सोलर आधारित जलमीनार से हर घर जल-नल योजना शुरू की गयी. मुंडासाई व दामोदरसाई टोला में कार्य आरंभ हुआ. कार्यकारी एजेंसी साकेत सुमन है. एजेंसी ने स्ट्रक्चर खड़ा कर दिया. इसके बाद से काम बंद है. गांव के हर घर तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य नहीं किया गया. बताया जाता है कि फंड नहीं मिलने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है.

शिकायतों के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार पंचायत जनप्रतिनिधि और विभाग से लिखित शिकायत की. इसका कोई परिणाम नहीं निकल पाया. ऐसे प्रतीत होता है कि विभाग अपनी चहेती एजेंसियों को लाभ पहुंचाने के लिए योजना शुरू की. हम ग्रामीणों को पानी मिले या ना मिले, इससे विभाग और सरकार को कोई मतलब नहीं है.

शाम ढलते ही पानी बंद पेयजल पर आफत

गांव के अधिकतर लोग मजदूरी करते हैं. सुबह में मजदूरी के लिए जाते हैं. पानी नहीं रहने से परेशानी होती है. लोग घंटों इंतजार के बाद पानी लेते हैं. सूरज निकलने के बाद ही पानी मिल पाता है. सूरज डूबने के बाद पानी निकलना बंद हो जाता है. कई बार लोगों को पानी नहीं मिल पाता है. लोग एक-दूसरे के यहां से पानी मांग कर बच्चों की प्यास बुझाते हैं.

चुआं और गड्ढों में जमा पानी से पूरी होती हैं अन्य जरूरतें

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगभग 150 परिवार हैं. कुल जनसंख्या 600 के करीब है. गांव में एकमात्र नलकूप जीवित है. उसी नलकूप पर सात साल पूर्व पंचायत वित्तीय योजना से 1000 लीटर की टंकी लगी है. उससे पूरे गांव के लोग पानी लेते हैं. लगभग एक किलोमीटर दूर से लोग पानी लेने आते हैं. ग्रामीण दूसरे जरूरत के लिए चुआं और गड्ढों में जमा पानी पर निर्भर हैं.

फंड के अभाव में रुका है काम

मझगांव की नयागांव पंचायत स्थित दामोदर साई गांव की नल-जल योजना में लेटलतीफी से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है. इसे लेकर प्रभात खबर के प्रतिनिधि ने पश्चिमी सिंहभूम जिला के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार से बात की. उन्होंने हम मुद्दे पर अपनी बात रखी.

सवाल :

दामोदरसाई गांव में 150 परिवारों को पेयजल क्यों नहीं मिल रहा है?

जवाब :

दो साल से फंड नहीं मिल रहा है. बिना फंड के कैसे काम होगा. फंड मिलते ही काम जल्द पूरा किया जायेगा.

सवाल :

योजना को पूरा करने के लिए फंड कब तक मिलेगा?

जवाब :

विभाग से फंड उपलब्ध कराने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

सवाल :

मझगांव प्रखंड में पेयजल संबंधी परेशानी के लिए ग्रामीण क्या करें ?

जवाब :

यदि कहीं कोई नलकूप खराब है, तो इसकी जानकारी दें. समस्या का समाधान किया जायेगा.

…ग्रामीण बोले-

– पूरे गांव में एकमात्र नलकूप है. घंटों इंतजार के बाद एक डेगची (बर्तन) पानी मिल पाता है. कई बार पानी लेने के चक्कर में खाना नहीं बन पाता है.

– मासूरी हेंब्रम

, महिला

– गांव में योजना का कार्य शुरू हुआ, तो उम्मीद जगी थी कि पानी की समस्या से निजात मिलेगी. दो वर्ष से ज्यादा समय हो गया, एक बूंद पानी नहीं मिला. –

ललिता पिंगुवा

, महिला

– हमारे बाप- दादा भी जल संकट से जूझे थे. हम भी पानी के इंतजार में है. राज्य में कई सरकार बनी, लेकिन धरातल पर स्थितियां नहीं बदली हैं.

– किशोर भेंगरा

, ग्रामीण

– पानी की व्यवस्था करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है. घर में पानी नहीं रहने से कई बार खाना नहीं बन पाता है. बच्चे भूखे-प्यासे स्कूल चले जाते हैं. –

मिथिला पिंगुवा

, महिला

– एजेंसी ने दो स्ट्रक्चर का निर्माण किया है. कई बार एजेंसी से बात की गयी है. शायद बिल का भुगतान नहीं हुआ है, इसलिए कार्य रोका गया है. –

सुभाष पाट पिंगुवा

, मुखिया प्रतिनिधि, नयागांव पंचायत

– एजेंसी ने पहले यहां खराब मोटर लगा दिया था. कई बार कहा गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. लोग पानी के लिए परेशान होते हैं. –

गुरुचरण पाट पिंगुवा

, ग्रामीण मुंडा, दामोदरसाई

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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