बोकारो में भूमिगत आग से कथारा-गोमिया हीरक रोड पर बढ़ा खतरा, जल चुके हैं सैकड़ों पेड़-पौधे

चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि रात में पांच-पांच फीट आग की लपटें इस जगह से निकलती हैं. चीप हाउस में रहने वाले लोग जहरीली गैस से परेशान हैं.

राकेश वर्मा, बेरमो : सीसीएल के बीएंडके प्रक्षेत्र अंतर्गत बोकारो कोलियरी के बारीग्राम आंबेडकर चौक के आसपास का इलाका भूमिगत आग से खतरे के जद में है. एक बड़ी आबादी जहां दहशत में जीने को विवश है, वहीं फुसरो से कथारा-गोमिया को जोड़ने वाला मुख्य हीरक रोड भी डेंजर जोन में है. बारीग्राम के निकट मुख्य सड़क की दोनों ओर आग लगी हुई है. आग से पेड़ पौधे झुलस गये हैं. बारीग्राम के निकट जिस जगह जमीन के नीचे आग लगी हुई है, उससे बिल्कुल सटा बोकारो कोलियरी का चीप हाउस का इलाका है. चीप हाउस में लगभग 200 परिवार रहते हैं, जिसमें करीब 40 की संख्या में सीसीएल कर्मियों का परिवार है. चीप हाउस से सटा फुटबॉल ग्राउंड तथा आंबेडकर चौक का इलाका है. हीरक रोड के दूसरे छोर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा कई दुकानें व सीसीएल की कॉलोनी है. स्वास्थ्य केंद्र के निकट लोकल सेल के ट्रक खड़े रहते हैं. चीप हाउस निवासी चंद्र प्रकाश सिंह कहते हैं कि दो साल पहले सीआइएसएफ का बैरक पूरी तरह भूमिगत आग की चपेट में आ गया था, जिसके बाद सीआइएसएफ के जवान यहां से चले गये. बैरक के आसपास आग के कारण जहां-तहां जमीन धंस रही है.

रात में पांच-पांच फीट उठती हैं आग की लपटें

चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि रात में पांच-पांच फीट आग की लपटें इस जगह से निकलती हैं. चीप हाउस में रहने वाले लोग जहरीली गैस से परेशान हैं. जिस जगह सीआइएसएफ का बैरक था, उसके निकट कुछ लोग मकान व दुकान बनाकर रहते थे. वे लोग भी आग के भय से भाग गये. चीप हाउस कॉलोनीवासी कहते हैं कि उनकी कॉलोनी के ठीक नीचे भयानक आग है. वे लोग हमेशा दहशत में रहते हैं.

सीआइएसएफ के लिए दूसरी जगह बनाना पड़ा बैरक

सीसीआइएसएफ जवानों के लिए बीएंडके एरिया ने 2012-13 में करीब 60 लाख की लागत से बैरक का निर्माण कराया था. इसमें 150 जवान रहते थे. दो साल पहले बैरक के नीचे से आग की लपटें ऊपर आनी शुरू हुईं और जमीन धंसने लगी. देखते ही देखते पूरा बैरक आग की चपेट में आ गया. जवानों को तत्काल डीवीसी बेरमो सीम के निकट सीआइएसएफ बीएंडके के सी कैंप में शिफ्ट कराया गया.

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सीएमआरआइ धनबाद की टीम ने की थी जांच

सीएमआरआइ धनबाद की एक टीम ने बारीग्राम स्थित सीआइएसएफ बैरक के नीचे व आसपास लगी आग का जायजा लिया था. इस दौरान स्थानीय प्रबंधन को कई निर्देश दिये थे. आग स्थल की वीडियोग्राफी भी करायी थी. सीएमआरआइ ने ट्रैंच कटिंग कर उसे बालू व मिट्टी से फिलिंग करने का निर्देश दिया था, लेकिन प्रबंधन ने सिर्फ मिट्टी फिलिंग कर छोड़ दिया. नतीजा आग हीरक रोड के दूसरे छोर तक चली गयी. इस छोर पर कई पेड़ झुलस गये, वहीं 11 हजार क्षमता का बिजली तार व खंभा भी चपेट में आ गया. करगली फिल्टर प्लांट से इस क्षेत्र के लिए आया मेन पाइप भी आग की चपेट में आ गया, जिसे बाद में दूसरे रास्ते से ले जाना पड़ा.

बोकारो कोलियरी का एक्सावेशन भी आ चुका है चपेट में

बोकारो कोलियरी का एक्सावेशन भी कई साल पहले भूमिगत आग की चपेट में आ चुका है, जो बारीग्राम से मुश्किल से दो किमी की दूरी पर है. आग लगने के बाद वहां उत्पादन कार्य में लगे कई डोजर, डंपर, हॉलपेक, शॉवेज मशीन के अलावा एक्सावेशन का अपना पेट्रोल पंप भी जमींदोज हो गया था. इतना ही नहीं, आग के कारण कई जगह बने गोफ में मवेशी भी समा गये थे. बाद में डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट की छाई भरकर एक्सावेशन में लगी आग को बुझाया गया था.
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कोलियरी क्षेत्र में कभी-कभी भूमिगत आग के बढ़ने की संभावना हो जाती है. फिलहाल बारीग्राम सीआइएसएफ बैरक स्थित हीरक रोड के दोनों छोर पर आग कंट्रोल में है. कोई खतरा नहीं है.

सीसीएल अरविंद कुमार शर्मा, पीओ, बोकारो कोलियरी

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Author: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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