कसमार/जैनामोड़, जरीडीह प्रखंड के चिलगड्ढा में भाकपा माले के शहीद नेता मेजर नागेंद्र प्रसाद का 32वां शहादत दिवस समारोह बुधवार को मनाया गया. समारोह की अध्यक्षता उमाशंकर सिंह व संचालन माले के जरीडीह प्रखंड सचिव अभिविलास जायसवाल ने किया. मुख्य अतिथि माले के जिला सचिव देवदीप सिंह दिवाकर, राज्य कमेटी सदस्य भुवनेश्वर केवट, विकास कुमार सिंह व जयंत सिंह, जिला कमेटी सदस्य बालेश्वर गोप एवं कसमार प्रखंड सचिव शकुर अंसारी थे. देवदीप सिंह दिवाकर ने कहा कि मेजर नागेंद्र प्रसाद का शहादत आज भी जनसंघर्ष के लिए निर्भीक और मुखर होकर लड़ने की प्रेरणा देती है. उन्होंने कहा कि 32 वर्ष पूर्व इस क्षेत्र में जनआंदोलनों के जरिए सामाजिक और वैचारिक परिवर्तन की जो शुरुआत हुई थी, उसे रोकने के उद्देश्य से एक सुनियोजित साजिश के तहत नागेंद्र प्रसाद की हत्या कर दी गयी थी. वे इंडियन पीपुल्स फ्रंट के माध्यम से शुरू हुए आंदोलन के अग्रदूत थे, जिसे बाद में भाकपा माले के रूप में आगे बढ़ाया गया. भुवनेश्वर केवट ने कहा कि मेजर नागेंद्र प्रसाद के सपनों को साकार करने के लिए संगठन को और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनाने की आवश्यकता है. उन्होंने शहीद के विचारों को आज के संघर्षों से जोड़ने पर बल दिया. इस दौरान चिलगड्ढा के गड़के मोड़ का नामकरण ‘मेजर नागेंद्र मोड़’ किये जाने की घोषणा की गयी और इसका शिलान्यास भी किया गया. कार्यक्रम में गंगाधर महतो, नरेश ठाकुर, आनंद घासी, फूलचंद घासी, हीरालाल रजवार, दुर्गा सिंह, हरिपद साव, खेलू महतो, नन्हू बाउरी, आदित्य भगत सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद थे.
Bokaro News: जनसंघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
Bokaro News: चिलगड्ढा में माले के नेता मेजर नागेंद्र प्रसाद का 32वां शहादत दिवस मनाया गया, गड़के मोड़ का नामकरण ‘मेजर नागेंद्र मोड़’ .
