Success Story: रसोई से सीधे बिजनेस की दुनिया में, बोकारो की बबीता आज कमा रही है लाखों, जानिए कैसे पलटी किस्मत

Success Story: झारखंड के बोकारो जिले की बबीता देवी की कहानी उन लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो आत्मनिर्भर बनना चाहती है. लेकिन पैसों की कमी अक्सर उनका रास्ता रोक देती है. बबीता अपनी परिस्थितियों से लड़ी और आत्मनिर्भर बनी. साथ ही आज वह अपने पूरे परिवार का लालन-पोषण भी कर रही है.

Success Story | गोमिया, नागेश्वर: जब कुछ कर दिखाने का जुनून हो, तब न तो पैसों की कमी आपका रास्ता रोक सकती है न ही समाज के लोग. कुछ ऐसी ही कहानी है बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत ससबेडा निवासी बबीता देवी की. बबीता देवी उन तमाम लोगों के लिए एक बड़ी उदाहरण है, जिन्हें आज भी लगता है एक गृहिणी केवल अपने घर और रसोई तक ही सीमित है. बबीता देवी एक गृहिणी है और उनके पास पूर्व में आय का कोई श्रोत नहीं था. इसके बावजूद उन्होंने लोन लेकर अपनी एक दुकान खोली. आज बबीता अपनी दुकान से सालाना 2 लाख से अधिक आमदनी कर रही है.

लोन लेकर शुरू किया बिजनेस

बबीता के पति बेरोजगार हैं. उनका घर बड़ी मुश्किल से किसी तरह चल रहा था. घर की परिस्थितियों को देखते हुए बबीता ने अपनी दुकान खोलने की सोची, लेकिन उनके पास दुकान खोलने के लिए पैसे नहीं थे. बबीता गणेश आजीविका सखी मंडल से जुड़ी थी. उन्होंने समूह से 1 लाख 70 हजार रुपये लोन लिया. इसके बाद अपने क्षेत्र के हिसाब से एक श्रृंगार का दुकान खोला. साथ ही सिलाई मशीन से लोगों के कपड़े भी सिलने लगी.

झारखंड की ताजा खबरें यहां पढ़ें

दुकान को बढ़ाती गयी बबीता

समय के साथ दुकान से अच्छी आमदनी होने लगी. इसे देख बबीता का हौसला भी बढ़ा और धीरे-धीरे घर की परेशानियां भी दूर होने लगी. इसके बाद बबीता ने अपने दुकान में सामान बढ़ाना शुरू किया. त्योहारों के हिसाब से सामान जैसे होली में रंग, अबीर के अलावा सजावट की सामाग्री भी बेचने लगी. साथ ही दुर्गा पूजा में होटल चलाकर अपनी आमदनी बढ़ा रही है.

प्रतिमाह 20 हजार से अधिक की आमदनी

अपनी कड़ी मेहनत और समझदारी से बबीता आज प्रतिमाह 20 हजार से अधिक की आमदनी कर रही है. बबीता ने बताया वह चाहती है कि उसका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बने. वह अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाना चाहती है. उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं न केवल अपने परिवार की बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बन सकती है.

इसे भी पढ़ें

Ranchi News: कार्तिक उरांव चौक के पास क्वार्टर में लगी आग, धुआं-धुआं हुआ आसमान

आज खुलेगा रांची के सबसे महंगे पूजा पंडाल का पट, एक करोड़ हुए हैं खर्च

रांची के इस फेमस रेस्टोरेंट का पनीर जांच में हुआ फेल, तुरंत किया गया नष्ट

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Dipali Kumari

नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >