बोकारो से मुकेश झा की रिपोर्ट
Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत खूंटाडीह गांव की रहने वाली 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी पिछले आठ महीनों से लापता है. लंबे समय से चल रहे इस मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है. जहां एक ओर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है.
जिला परिषद उपाध्यक्ष बबीता देवी का हस्तक्षेप
इस मामले में जिला परिषद की उपाध्यक्ष बबीता देवी खुलकर सामने आई हैं. उन्होंने प्रेस वार्ता कर बोकारो पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि पुलिस पुष्पा को खोजने के बजाय पीड़ित परिवार को ही प्रताड़ित कर रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहा है.
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ा दबाव
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पहले बोकारो एसपी को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया था. इसके बाद हालात और बिगड़ते दिखे. हाल ही में कोर्ट ने डीजीपी तदाशा मिश्रा को वर्चुअल माध्यम से जवाब देने का निर्देश दिया है. इस मामले की सुनवाई अब और महत्वपूर्ण हो गई है, जिससे प्रशासन पर दबाव साफ देखा जा सकता है.
परिजनों का आरोप: पुलिस ने की मारपीट
पीड़िता की मां रेखा देवी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि 3 अप्रैल को उनके चाचा ससुर को जांच के नाम पर थाने बुलाया गया, जहां थाना प्रभारी द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई. बाद में उनका इलाज भी कराया गया. परिवार का आरोप है कि पुलिस मामले की जांच सही दिशा में करने के बजाय डराने और दबाव बनाने का काम कर रही है.
चरित्र पर सवाल और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
रेखा देवी ने यह भी कहा कि थाना प्रभारी उनके चरित्र पर भी सवाल उठा रहे हैं, जो बेहद आपत्तिजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को खोजने के बजाय मामले को भटकाने की कोशिश की जा रही है. इससे परिवार मानसिक रूप से काफी परेशान है और न्याय की उम्मीद में संघर्ष कर रहा है.
अवैध वसूली और धमकी के आरोप
बबीता देवी ने पुलिस प्रशासन पर और भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बोकारो एसपी शहर के थानों और बालू माफियाओं से अवैध वसूली में व्यस्त हैं. इतना ही नहीं, पीड़िता की मां को फोन कर केस के अनुसंधानकर्ता द्वारा नौकरी खत्म कराने की धमकी दी जा रही है.
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न्याय की मांग और बढ़ती राजनीतिक हलचल
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी हलचल बढ़ा दी है. पीड़ित परिवार और उनके समर्थक निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. अब सभी की नजरें कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में अहम फैसला सामने आ सकता है.
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