बोकारो. करम परब के अवसर पर बुधवार को बाधाडीह गांव में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) की ओर से करम महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में डुमरी विधायक जयराम महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. विशिष्ट अतिथि के रूप में मोतीलाल महतो, जेएलकेएम जिलाध्यक्ष अमरेश महतो और शंकर शर्मा मौजूद रहे.
करम पर्व जीवन और सृजन का संदेश देता है
विधायक जयराम महतो ने कहा कि करम परब का संबंध जीवन और सृजन से है. यह पर्व जीवन जीने के साथ सृजन का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि करम का अर्थ काम और जावा का अर्थ जीवन होता है.
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उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा ही हमारी पहचान है. करम पर्व झारखंड की समृद्ध संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, जो प्रकृति और जीवन से जुड़ा हुआ है.
भाषा और संस्कृति के संरक्षण पर जोर
जयराम महतो ने कहा कि भाषा, संस्कृति और परंपरा का संरक्षण समाज की जिम्मेदारी है. अपनी संस्कृति और भाषा के संरक्षण के लिए लोगों ने जिस एकजुटता का परिचय दिया है, उसे आगे भी बनाए रखने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि एकजुटता के माध्यम से ही समाज अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती दे सकता है.
प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश देती है झारखंडी संस्कृति
विधायक ने कहा कि झारखंड की संस्कृति प्रकृति आधारित है और प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की सीख देती है. उन्होंने लोगों से अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व करने तथा इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया.
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महोत्सव में रूपेश महतो, सुजीत महतो, भागीरथ गोराई, रामु महतो, अंकित समेत जेएलकेएम के सैकड़ों कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
