Bokaro News : फुसरो नप क्षेत्र अंतर्गत करगली गेट दुर्गा मंदिर परिसर में मानस सत्संग समिति बेरमो की ओर से चल रहे 67वें नवाह्न श्री श्री रामचरित मानस पाठ एवं महायज्ञ के आठवें दिन गुरुवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं ने यज्ञ परिसर की परिक्रमा तथा पूजा की. वहीं बुधवार की रात उज्जैन से आये लोकेशानंद शास्त्री ने प्रवचन में कहा कि त्याग का उदाहरण सीखना है तो श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखें. श्रीराम को सुबह सिंहासन पर विराजमान होना था और एक दिन पूर्व अपने पिता महाराज दशरथ ने उन्हें 14 वर्ष के वनवास का आदेश दे दिया. श्रीराम पिता का आदेश सुनते ही राजसिंहासन का त्याग कर अपनी पत्नी माता सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ वन को प्रस्थान कर गये. श्री शास्त्री ने कहा कि किस तरह अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए और उनके आज्ञा का पालन करना चाहिए. यह हमें भगवान श्रीराम से सीखना चाहिए. कहा कि भगवान खुद सबके पास नहीं आते हैं, पर भगवान के रूप में माता-पिता को भेजते हैं. मौके पर यज्ञ समिति के मनोज सिंह, सुशील सिंह, नितेश सिंह, अर्चना सिंह, निरंजन सिंह ने बताया कि सात मार्च शुक्रवार को यज्ञ की पूर्णाहुति होगी. समिति के गजेंद्र प्रसाद सिंह, वशिष्ट नारायण सिंह, जयप्रकाश सिंह, अनिल गुप्ता, प्रशांत सिंह, वीरेंद्र सिंह, शशिकांत सिंह, जितेंद्र सिंह, महावीर महतो, उत्तम साव, बीरेंद्र महतो, उमाशंकर महतो आदि यज्ञ को सफल बनाने में लगे हुए हैं.
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