बाट बिनोर पंचायत अंतर्गत टीटी लाइन के 327/7 के पास रेलवे गेट सं 32 एवं 33 को बंद किये जाने से दलाई बिनोर और पिपरा कुल्ही के ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है. करीब 2000 की आबादी के लिए बाट बिनोर आवागमन कठिन हो गया है.
अंडरपास तक पहुंचने का विकल्प नहीं
रेलवे प्रबंधन द्वारा गेट बंद किये जाने के बाद करीब एक किलोमीटर पश्चिम में बाट बिनोर में अंडरग्राउंड पास (एलएचएस) बनाया गया है. हालांकि अंडरपास तक पहुंचने के लिए समुचित सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को कीचड़ और खराब रास्ते से गुजरना पड़ रहा है.
सर्वाधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है. ग्रामीणों की मांग है कि जब रेलवे प्रबंधन ने गेट सं 32 एवं 33 को बंद कर दिया है, तो ग्रामीणों की सुविधा के लिए बाट बिनोर अंडरपास (एलएचएस) तक सड़क निर्माण की व्यवस्था भी की जाए. इसी मांग को लेकर बुधवार को क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने स्थल निरीक्षण किया और आगे की रणनीति पर मंत्रणा की.
ग्रामीणों की समस्या को लेकर निरीक्षण में 20 सूत्री उपाध्यक्ष देवाशीष मंडल, बलराम रवानी, तपन कुमार दुबे, जिप सदस्य प्रतिनिधि रामपद रविदास, झामुमो प्रखंड उपाध्यक्ष अशोक दसौंधी, परमेश्वर दास वैष्णव, विश्वनाथ मोदी, सृष्टिधर मोदी, तपन गोप, रतिलाल कुंभकार, वंशीधर महतो, दासू कुंभकार, सुरेश सिंह, श्रीनिवास दास, राम कुमार महतो, गौर महतो, मथुर महतो, प्रिया देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
