बोकारो. जिला निर्वाचन पदाधिकारी (डीइओ)-सह-उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसआइआर 2026 के तहत अनमैप्ड और एनोमली मामलों में संचालित सुनवाई की प्रगति की समीक्षा की. बैठक में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (इआरओ), सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (एइआरओ) एवं अतिरिक्त एइआरओ से मामलों की वर्तमान स्थिति, सुनवाई के दौरान आ रही समस्याओं और उनके समाधान के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली गयी.
लंबित मामलों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाने का निर्देश
समीक्षा के दौरान डीसी ने अधिकारियों से लंबित मामलों के निष्पादन के लिए अपनायी जा रही रणनीति की जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले की प्रकृति और वास्तविक स्थिति को समझते हुए उसके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाये जायें. उन्होंने कहा कि प्रक्रिया केवल औपचारिक सुनवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप पात्रता संबंधी तथ्यों का समुचित परीक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
ये भी पढ़ें: BSL में कचरे से बन रही संपदा, अपशिष्ट से तैयार हो रहा सेकेंडरी कच्चा माल; घट रही प्राथमिक संसाधनों पर निर्भरता
उपलब्ध दस्तावेजों का करें विधिवत परीक्षण
डीसी ने कहा कि जिन मामलों में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं, उनकी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जाये. आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अभिलेख, प्रमाण-पत्र और अन्य उपलब्ध माध्यमों के आधार पर तथ्यों का सत्यापन किया जाये. उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक मामले में उपलब्ध साक्ष्यों का समुचित उपयोग करने का निर्देश दिया.
एनोमली मामलों में करें तथ्यात्मक जांच
समीक्षा बैठक में एनोमली मामलों पर विशेष चर्चा की गयी. डीसी ने कहा कि ऐसे मामलों में वास्तविक स्थिति को समझकर समाधान किया जाये. यदि कोई मतदाता सुनवाई में उपस्थित नहीं हो रहा है, तो मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाये. एइआरओ और इआरओ स्तर पर उपलब्ध अभिलेखों एवं स्थानीय स्तर से प्राप्त जानकारी के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाये.
उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर परिवार के सदस्यों, ग्राम प्रधान, मुखिया अथवा अन्य स्थानीय स्रोतों से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है. साथ ही पूरी प्रक्रिया में संवेदनशीलता और निष्पक्षता बरतने का निर्देश दिया.
अनुपस्थित मतदाताओं के मामलों की भी करें समीक्षा
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुनवाई में अनुपस्थित रहने वाले मतदाताओं के मामलों की भी नियमानुसार समीक्षा की जाये. उपलब्ध अभिलेखों और सूचनाओं के आधार पर प्रत्येक मामले की स्थिति स्पष्ट करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाये. उन्होंने नोटिस निर्गत करने और सुनवाई प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब समाप्त करने पर भी जोर दिया.
नये और छूटे हुए पात्र मतदाताओं के फॉर्म-6 लें
बैठक में डीसी ने सभी मतदान केंद्रों से नये एवं छूटे हुए पात्र मतदाताओं के फॉर्म-6 प्राप्त करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाते हुए पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाये.
डीसी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप मामलों का निष्पादन किया जाये. बैठक में गोमिया के इआरओ सह अपर समाहर्ता सुनील चंद्र समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
ये भी पढ़ें: बोकारो की महिलाओं ने रची आत्मनिर्भरता की मिसाल, सामूहिक खेती से 51.61 लाख का कारोबार
