सामाजिक कार्यों के लिए बोकारो की बेटी डॉ संघमिता सिंह “100 आइकॉनिक वीमेन ऑफ इंडिया ” सूची में शामिल हुई हैं. डैज़ल ग्रुप ने 100 आइकॉनिक वीमेन ऑफ इंडिया को नयी दिल्ली के एनडीएमसी कॉन्वेंशन सेंटर में नौ मई 2026 को सम्मानित किया. डॉ संघमिता को सम्मान जानी-मानी फिल्म अदाकारा हिमानी शिवपुरी ने दिया. भारत के इतिहास में पहली बार 100 महिलाओं को एक साथ सम्मानित किया गया. परसिया कम्यूनिकेशन प्रा लि की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर की प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया गया. डॉ संघमिता लंबे समय से सामाजिक संस्था “एटीमएम-ऑल टाइम मैडेड” के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता, महिलाओं के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. वर्तमान में वह राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की राष्ट्रीय सचिव भी हैं. उनकी उपलब्धि पर सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है.
महिलाओं को दिया संदेश
डॉ संघमिता ने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा है कि अपनी पहचान किसी से मांगिए मत, अपने कर्मों से खुद बनाईए. क्योंकि इतिहास हमेशा उन्हीं का लिखा जाता है, जो परिस्थितियों से नहीं, अपने हौसलों से पहचाने जाते हैं. यह सम्मान मंजिल नहीं, बल्कि समाजसेवा के एक और बड़े सफर की शुरुआत है.
परिवार का परिचय
डॉ संघमिता के पिता राम आगर सिंह बोकारो स्टील प्लांट से सेवानिवृत अधिकारी हैं. वर्तमान में फेडरेशन ऑफ रिटायर्ड सेल एम्प्लोयीज़ (फोर्स) व बोकारो स्टील रिटायर्ड एम्प्लोयीज़ एसोसिएशन के महामंत्री, बोकारो इस्पात कामगार यूनियन (एटक) के उपाध्यक्ष व अलकेमिस्ट इन्वेस्टर्स वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष हैं. मां राम कुमारी मध्य विद्यालय से शिक्षिका के पद से 2023 में रिटायर्ड हुई हैं. डॉ संघमिता की पुत्री आशी सिंह व शिवांशी डीपीएस चास में क्रमशः सातवीं व छठी कक्षा की छात्रा हैं. स्किपिंग में राष्ट्रीय स्तर पर पिछले वर्ष हुई प्रतियोगिता में क्रमशः चार और तीन गोल्ड मेडल जीता है. डॉ संघमिता के बड़े भाई डॉ शैलेश कुमार एलआइसी में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर व छोटा भाई मर्चेंट नेवी में मास्टर ऑफ द शिप हैं. बड़ी बहन भुवनेश्वर में रहती हैं. संघमिता ने मास मीडिया में मास्टर डिग्री एनआइए-न्यू दिल्ली से हासिल की है.
