बोकारो. नीले आसमान में लहराता हरित ध्वज और नीचे ड्रोन से होती बीज-बमों की बारिश. विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बोकारो ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनूठी पहल की. विद्यालय के 'गो ग्रीन इनिशिएटिव' के तहत ईको-वॉलंटियर्स ने सेक्टर-04 एफ स्थित सूर्य मंदिर के समीप खुले क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से 500 से अधिक बीज-बमों की बौछार की. इन बीज-बमों में नीम, साल, पलाश, महोगनी, अशोक और अर्जुन जैसी प्रजातियों के बीज शामिल थे.
दो ड्रोन से हुई बीज-बमों की बौछार
हरियाली फैलाने के इस आधुनिक तरीके को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह रहा. कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय के प्राचार्य डॉ. एएस गंगवार ने किया. उन्होंने स्वयं ड्रोन संचालित कर बीज-बमों का छिड़काव किया और हाथों से भी कई स्थानों पर बीज-बम फैलाये.
एक साथ दो ड्रोन से बीज-बमों की बौछार का नजारा देखने के लिए आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गये. इस दौरान बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया.
क्या है बीज-बम ?
बीज-बम मिट्टी, प्राकृतिक गोबर खाद और स्थानीय प्रजातियों के बीजों से तैयार किये जाते हैं. इन्हें तैयार करने के बाद छांव में सुखाया जाता है और फिर बंजर या दुर्गम इलाकों में डाला जाता है. बारिश होने पर मिट्टी नरम होती है और बीजों के अंकुरित होने की संभावना बढ़ती है.
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इस तरह बीज-बम के माध्यम से ऐसे इलाकों में भी हरियाली विकसित करने का प्रयास किया जाता है, जहां पारंपरिक तरीके से पौधारोपण करना मुश्किल होता है. इससे हरित आवरण बढ़ाने के साथ जैव विविधता को मजबूत करने और वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक भोजन का स्रोत तैयार करने में भी मदद मिल सकती है.
बोले प्राचार्य- ओजोन परत की सुरक्षा ही जीवन की सुरक्षा
प्राचार्य डॉ. एएस गंगवार ने विश्व ओजोन दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पृथ्वी का सुरक्षा कवच मानी जाने वाली ओजोन परत के क्षरण को रोकना पूरी मानव जाति का नैतिक दायित्व है. उन्होंने इस वर्ष की थीम 'ग्लोबल एक्शन फॉर ए कूलर प्लैनेट' का उल्लेख करते हुए कहा कि ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से जीव-जगत की रक्षा करती है.
उन्होंने कहा कि ओजोन संरक्षण के साथ पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ शीतलन तकनीकों को अपनाने की जरूरत है. पेड़-पौधे धरती के प्राकृतिक एयर कंडीशनर हैं. बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण जरूरी है.
तीन बार ग्रीन स्कूल अवार्ड से सम्मानित हो चुका है डीपीएस बोकारो
डीपीएस बोकारो की ओर से पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार विभिन्न पहल की जाती रही हैं. विद्यालय में सस्टेनेबल डेवलपमेंट, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा के इस्तेमाल और बड़े स्तर पर पौधारोपण जैसे अभियान चलाये जाते हैं.
विद्यालय के अनुसार, इन पहलों के परिणामस्वरूप डीपीएस बोकारो को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन-तीन बार प्रतिष्ठित 'ग्रीन स्कूल' पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. प्राचार्य डॉ. गंगवार ने पर्यावरण संरक्षण के अभियानों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया.
