पलामू के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर बोकारो के चिकित्सक भी चिंतित हैं. आइएमए चास व झासा बोकारो से जुड़े चिकित्सकों ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार से मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को अविलंब लागू करने की मांग की है. आइएमए चास के पूर्व अध्यक्ष डॉ रणधीर कुमार सिंह व डॉ मीता सिन्हा, पूर्व सचिव डॉ अनुप्रिया पंकज और डॉ बीके पंकज ने कहा कि चिकित्सक भयमुक्त माहौल में काम नहीं कर रहे हैं. राज्य में चिकित्सकों की संख्या कम है. दिन-रात लोगों की सेवा में जुटे रहते हैं. इसके बाद चिकित्सक के साथ मारपीट की घटना होती है. इसकी जितनी भी निंदा की जाये, कम है. राज्य में गिरते कानून व्यवस्था ने विकास पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है.
अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग
डॉ एचके मिश्र, डॉ उत्तम कुमार, डॉ सफी नेयाज, डॉ वीरेंद्र कुमार, डॉ पिंकी पाल, डॉ सुजीत पांडेय, डॉ निरूपमा, डॉ अमृता सिंह, डॉ सुजीत परेरा, डॉ निरंजन कुमार, डॉ अनुराग श्रीवास्तव, डॉ मिथिलेश कुमार, डॉ अंजु परेरा, डॉ निवेदिता दत्ता, डॉ अवनिश श्रीवास्तव, डॉ आलोक झा, डॉ विकास कुमार, डॉ एके चौधरी, डॉ रवि शेखर, डॉ विकास कुमार, डॉ आरके मिश्र, डॉ श्रवण कुमार, डॉ कुसुम प्रकाश, डॉ मनोज श्रीवास्तव, डॉ रणवीर सिंह, डॉ पंकज कुमार, डॉ रवि शंकर, डॉ अंबरिश सोनी, डॉ जितेंद्र कुमार, डॉ एलके ठाकुर आदि ने पलामू की घटना में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
