बोकारो एक बार फिर राष्ट्रीय तीरंदाजी के बड़े आयोजन का गवाह बनने जा रहा है. सेक्टर-4 स्थित कुमार मंगलम स्टेडियम में 19 से 27 अगस्त तक दूसरी एनटीपीसी राष्ट्रीय रैंकिंग तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026 का आयोजन होगा.
प्रतियोगिता में देशभर के 900 से अधिक पुरुष एवं महिला तीरंदाज निशाना साधेंगे. 19 अगस्त को होने वाले उद्घाटन समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे.
झारखंड तीरंदाजी संघ के नेतृत्व में बोकारो जिला तीरंदाजी संघ द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर वर्ग में मुकाबले होंगे. तीनों वर्गों में रिकर्व और कंपाउंड श्रेणी के तीरंदाज हिस्सा लेंगे. सीनियर वर्ग का मुकाबला 19 और 20 अगस्त को होगा, जिसमें करीब 400 खिलाड़ी भाग लेंगे. जूनियर वर्ग में 22 और 23 अगस्त को 300 से अधिक तीरंदाज अपना दमखम दिखाएंगे. वहीं सब-जूनियर वर्ग के मुकाबले 25 और 26 अगस्त को होंगे, जिसमें करीब 200 बालक-बालिका तीरंदाज शामिल होंगे.
आधे घंटे तक किया अभ्यास
प्रतियोगिता की तैयारियों के बीच सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तीरंदाज दीपिका सिंह और अतनु दास सेक्टर-4 स्थित सेल डे बोर्डिंग तीरंदाजी केंद्र पहुंचे. दोनों ने आर्चरी मैदान में करीब आधे घंटे तक अभ्यास किया. इस दौरान उन्होंने निशानेबाजी की तकनीक को परखा और मैदान में अभ्यास कर रहे युवा तीरंदाजों का उत्साह भी बढ़ाया.
अभ्यास के बाद बोकारो जिला तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष सह पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, सचिव एंजेला सिंह, अजय सिंह आदि ने दोनों खिलाड़ियों का बुके देकर स्वागत किया. मौके पर झारखंड तीरंदाजी संघ, बोकारो जिला तीरंदाजी संघ और खेल एवं नागरिक सुविधाएं विभाग से जुड़े पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे.
युवा तीरंदाजों को दिया मेहनत का मंत्र
दीपिका सिंह ने युवा खिलाड़ियों से लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए नियमित अभ्यास करने की अपील की. उन्होंने कहा, “अंधेरे में तीर नहीं चलती है. लक्ष्य पर निशाना साधना है तो लगातार प्रैक्टिस जरूरी है.” उन्होंने कहा कि तीरंदाजी में सफलता एक दिन की मेहनत से नहीं मिलती. इसके लिए अनुशासन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास जरूरी है. मेहनत और सही नीयत के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ने पर सफलता जरूर मिलती है.
दस साल बाद बोकारो पहुंचकर हुईं भावुक
दीपिका सिंह और अतनु दास ने बोकारो से अपने पुराने जुड़ाव को भी याद किया. उन्होंने बताया कि करीब दस वर्ष पहले भी वे बोकारो आए थे. इतने लंबे अंतराल के बाद दोबारा यहां आकर उन्हें काफी अच्छा लगा. उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और परिणाम की चिंता किए बिना लक्ष्य पर ध्यान दें.
