जनगणना की शुरुआत होते ही साइबर अपराधी भी सक्रिय हो गये हैं. लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाने लगे हैं. प्रगणक व सर्वेयर के नाम पर आवासधारी के मोबाइल पर फोन कर कहते हैं कि ”आपके मकान की सूचीकरण कर ली गयी है. प्रथम चरण में मोबाइल में सब कुछ भरा जा चुका है. अब आपके मोबाइल पर एक ओटीपी जायेगा. तुरंत ओटीपी नंबर बताइयेगा. इसके बाद आपका डिजिटल जनगणना फार्म कंप्लीट हो जायेगा.” साइबर अपराधी इस तरह कई लोगों को शिकार बनाने की कोशिश कर चुके हैं.
साइबर एक्सपर्ट ने दी सलाह
इधर, चास बीडीओ डॉ प्रदीप कुमार ने कहा कि प्रगणक, सर्वेयर व सुपरवाइजर केवल जनगणना कार्य कर रहे हैं. इस कार्य के दौरान आवासधारी से वित्तीय या गोपनीय जानकारी नहीं मांगी जाती है. वित्तीय या गोपनीय जानकारी मांगे जाने पर साफ इंकार करें. साथ ही ब्लॉक कार्यालय से सूचना दें. आवासधारी से मोबाइल नंबर सिर्फ इसलिए मांगा जा रहा है, ताकि आपके फोन पर एक पुष्टिकरण मैसेज जा सके कि जनगणना कार्य पूर्ण हुआ. साइबर थाना बोकारो के साइबर एक्सपर्ट इंस्पेक्टर अनिल कच्छप ने कहा कि मोबाइल पर आने वाला ओटीपी किसी के साथ शेयर नहीं करें. बार-बार जोर दिये जाने पर तुरंत नजदीकी थाना से संपर्क करें. साथ ही तुरंत कॉल कट करें. अधिक देर तक कॉल इंटरटेंट करने पर मोबाइल हैक हो सकता है.
