बोकारो से मुकेश झा की रिपोर्ट
Bomb Threat: झारखंड के बोकारो जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब सिविल कोर्ट को साइनाइड बम से उड़ाने की धमकी मिली. यह धमकी कोर्ट के रजिस्ट्रार के आधिकारिक ईमेल पर भेजी गई थी. मेल में दावा किया गया कि न्यायालय परिसर में 14 साइनाइड बम लगाए गए हैं. धमकी भरे इस ईमेल के सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई.
भोर 3:54 बजे आया धमकी भरा ईमेल
जानकारी के अनुसार, यह धमकी भरा ईमेल भोर करीब 3:54 बजे भेजा गया था. मेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में कई जगहों पर साइनाइड बम लगाए गए हैं और एक निश्चित समय तक परिसर खाली नहीं करने पर बड़ा विस्फोट हो सकता है. इस ईमेल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और तमिलनाडु का भी जिक्र किया गया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी स्पष्ट लिंक की पुष्टि नहीं हो सकी है.
एहतियातन खाली कराया गया कोर्ट परिसर
बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने बताया कि इस धमकी की जानकारी सुबह करीब 9 बजे न्यायिक पदाधिकारी के माध्यम से पुलिस को मिली. सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा दिया. सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि अनावश्यक भीड़ या आवाजाही को रोका जा सके. पुलिस की कई टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं और पूरे इलाके की गहन जांच की जा रही है.
रांची से बुलाई गई जगुआर स्क्वाड टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची से जगुआर स्क्वाड टीम को भी बुला लिया गया है. जिला स्तर के प्रशिक्षित जवान और अधिकारी पूरे परिसर की सघन तलाशी ले रहे हैं. इसके साथ ही रांची एटीएस के एसपी को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है. सुरक्षा एजेंसियां इस ईमेल की तकनीकी जांच भी कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी किसने और कहां से भेजी है.
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मेल में 1 बजे तक परिसर खाली करने की चेतावनी
सूत्रों के अनुसार धमकी भरे ईमेल में यह भी लिखा गया है कि दोपहर एक बजे तक कोर्ट परिसर खाली कर दिया जाए. अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. फिलहाल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हैं. अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी का जल्द पता लगाने की कोशिश की जा रही है. वहीं, कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
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