2.20 लाख कोयला कर्मचारियों के बोनस पर ग्रहण, कोर्ट ने बैठक पर लगायी रोक

Coal India Bonus News: कोल इंडिया लिमिटेड में काम करने वाले 2.20 लाख कर्मचारियों के बोनस पर ग्रहण लग गया है.कलकत्ता हाईकोर्ट की डबल बेंच ने बोनस पर सोमवार को होने वाली बैठक पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. इंटक के नेता कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने यह जानकारी दी है. साथ ही कोल इंडिया और कोयला मंत्रालय की भूमिका पर सवाल उठाये हैं.

Coal India Bonus News | बेरमो (बोकारो), राकेश वर्मा : कोयला कर्मचारियों के बोनस से जुड़ी बड़ी खबर सामने आयी है. कोर्ट ने बोनस पर होने वाली बैठक पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के मानकीकरण समिति की बैठक में (इंटक) राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के आदेश को डबल बेंच ने बरकरार रखा है. मानकीकरण समिति की बैठक 3:00 बजे से शुरू होनी थी. कोल इंडिया के वकील कलकत्ता हाईकोर्ट के जज से मिलने पहुंचे. उन्होंने मजदूरों के हित में बैठक की अनुमति देने का आग्रह किया. लेकिन, कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी.

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैठक पर लगायी रोक

फेडरेशन के अध्यक्ष और विधायक कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट की डबल बेंच में सोमवार को मानकीकरण समिति की बैठक में शामिल होने को लेकर कोल इंडिया ने डबल बेंच में याचिका दायर की थी. इस मामले में राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन को सिंगल बेंच की ओर से पहले ही बैठने का आदेश दिया गया था. सिंगल बेंच के आदेश के विरोध में कोल इंडिया ने डबल बेंच में याचिका दायर कर दी. डबल बेंच ने इस आदेश को बरकरार रखते हुए कोयलाकर्मियों के बोनस के मुद्दे पर सोमवार को दिल्ली में होने वाली बैठक को स्थगित करने का आदेश दिया है.

अगले आदेश तक स्थगित रहेगी बैठक – अनूप सिंह

अनूप सिंह ने बताया कि अगले आदेश तक‌ मानकीकरण समिति बैठक स्थगित रहेगी. इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जेबीसीसीआई नेता अनूप सिंह ने कहा कि यह बड़ी जीत है. मजदूरों को हक हम दिलायेंगे और बेहतर हक दिलायेंगे. उन्होंने कहा कि कोल इंडिया की दोहरी नीति दिख रही है. इसका नतीजा श्रमिकों को भुगतना पड़ रहा है. मजदूर अपना हक लेंगे. इंटक हर लड़ाई में साथ है. इस फैसले के बाद इंटक समर्थकों में खुशी की लहर है.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Coal India Bonus News: बोनस पर बैठक में नहीं बुलाया गया था इंटक को

अब कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया का रुख देखना होगा कि वह बोनस के मुद्दे पर क्या निर्णय लेते हैं. अंतरिम भुगतान कर मजदूरों को पूजा में राहत देने की कोशिश करते हैं या कोर्ट के आदेश तक चुप बैठे रहते हैं. कोल इंडिया में काम करने वाले 2.20 लाख कोयला श्रमिकों के बोनस पर सोमवार को दिल्ली में मानकीकरण समिति की बैठक होनी थी, जिसमें एचएमएस, बीएमएस, एटक, सीटू के प्रतिनिधि को बुलाया गया. बैठक में इंटक के शामिल होने का मामला कोर्ट में विचाराधीन है.

इसे भी पढ़ें

Train Fire: बक्सर-टाटा ट्रेन के ब्रेक शू में लगी आग, यात्रियों में अफरा-तफरी, ट्रेन से कूदने लगे यात्री

रांची में बेखौफ अपराधी! गश्त कर रही पुलिस टीम पर की गोलीबारी, एक पुलिसकर्मी घायल

चमकेगी झारखंड की किस्मत, IT हब बनेगी रांची, Google, TCS और Wipro जैसी कंपनियां देंगी लाखों युवाओं को रोजगार

Deoghar News: HDFC बैंक में दिनदहाड़े हुई लाखों की डकैती, हेलमेट और बुर्का पहन घुसे बदमाश

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >